Kisan Andolan: किसानों ने कृषि कानूनों को डेढ़ दो साल रोके जाने का प्रस्ताव ठुकरा दिया है. किसानों ने कहा कि हम इस प्रस्ताव को नहीं मानते हैं. तीनों कानून पूरी तरह से रद्द होने चाहिए. किसानों ने ये भी कहा कि हमारा बलिदान व्यर्थ नहीं जायेगा. Also Read - Kisan Andolan: राकेश टिकैत ने फिर दी चेतावनी! कानून वापस नहीं हुआ तो संसद का करेंगे घेराव, इस बार 4 लाख नहीं बल्कि...

बता दें कि केंद्र सरकार ने एक दिन पहले ही किसानों को मीटिंग में प्रस्ताव दिया था कि सरकार इन तीनों कानूनों (Farm Laws) को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में हलफनामा देकर डेढ़ दो साल के लिए टालने को तैयार है. इस बीच ये कानून लागू नहीं किये जायेंगे और इस दौरान कोई हल निकाला जाएगा. Also Read - Republic Day Violence: अदालत ने दीप सिद्धू को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा

सयुंक्त किसान मोर्चा (Sanyukt Kisan Morcha) ने सरकार के इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है. मोर्चा ने कहा कि हमारी मांग है कि कानून पूरी तरह से रद्द ही हों. हमारा बलिदान व्यर्थ नहीं जायेगा. एमएसपी पर कानून बने. बता दें कि किसान कृषि आंदोलन को लेकर पिछले डेढ़ माह से अधिक समय से प्रदर्शन कर रहे हैं. किसानों और सरकार के बीच 10 दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन कोई हल नहीं निकल सका है. मामला सुप्रीम कोर्ट भी पहुँच चुका है. 26 जनवरी को किसान ट्रैक्टर मार्च भी निकालने वाले हैं.