Farmers protest: दिल्ली के सिंघू बॉर्डर पर ‘स्थानीय निवासियों’ और प्रदर्शनकारी किसानों के बीच हिंसक झड़प के एक दिन बाद शनिवार को प्रदर्शन स्थल पर कई स्तरीय अवरोधक लगाकर इसे किले में तब्दील कर दिया गया. जीटी करनाल रोड स्थित प्रदर्शन स्थल पर बीते दिनों के मुकाबले प्रदर्शनकारियों की संख्या कम है. हालांकि प्रदर्शनकारी किसानों का कहना है कि पंजाब तथा हरियाणा से और लोग उनके आंदोलन में शामिल होने आ रहे हैं.Also Read - शादी के कार्ड पर किसान आंदोलन की झलक, दूल्हे ने लिखवाया- जंग अभी जारी है, MSP की बारी है

पुलिस और अर्धसैनिक बलों के कर्मी प्रदर्शन स्थल पर प्रवेश पर करीबी नजर रखे हुए हैं. मीडिया कर्मियों को भी वहां पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इस संबंध में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘कल हुए हिंसक प्रदर्शन के मद्देनजर प्रदर्शन स्थल पर मुक्त आवाजाही नहीं होने देने का आदेश है क्योंकि किसी भी शरारत से हालात बिगड़ सकते हैं.’ Also Read - BJP सांसद की किरकिरी, किसानों से ताली बजाने को कहा, सुनने को मिला इनकार

सिंघू बॉर्डर पर किसानों और स्थानीय निवासी होने का दावा करने वाले लोगों के एक बड़े समूह के बीच शुक्रवार को हिंसक झड़प हो गई थी. हालात काबू में करने के लिए पुलिस को आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा था और लाठियां भांजनी पड़ी थीं. Also Read - Rakesh Tikait ने क्यों कहा- खत्म नहीं हुआ है किसानों का आंदोलन? जानें 26 जनवरी का क्या है 'प्लान'

सिंघू बॉर्डर पर प्रदर्शन स्थल की ओर जानेवाले जीटी करनाल रोड पर पांच स्तरीय अवरोधक लगाकर इसे बंद कर दिया गया है और बड़ी संख्या में पुलिस तथा अर्धसैनिक बलों के कर्मियों को तैनात किया गया है.

(इनपुट भाषा)