Kisan Andolan: तीनों कृषि कानूनों को सरकार वापस ले चुकी है (Farm Laws Replead) और संसद के शीतकालीन सत्र (Winter Session of Parliament) में दोनों सदनों से भी इस मुहर लग चुकी है. किसान पिछले एक साल से इन्ही तीन कृषि कानूनों (Three Farm Laws) को वापस लेने की मांग को लेकर दिल्ली की विभिन्न बॉर्डरों पर डटे हुए थे. इसके बाद किसानों ने एमएसपी पर गारंटी (Guarantee on MSP) और आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले किसानों के लिए मुआवजे की मांग रखी. सरकार ने मंगलवार को किसानों की घर वापसी को लेकर एक लिखित प्रस्ताव दिया था, जिस पर किसान राजी नहीं हुए और उसे वापस लौटा दिया था. इसके बाद संयुक्त किसान मोर्चा (Samyukt Kisan Morcha) ने बुधवार को कहा कि उनकी लंबित मांगों पर केंद्र द्वारा भेजे गए प्रस्ताव के ताजा मसौदे पर किसानों में आम सहमति बन गई है. इसके बाद संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा कि आंदोलन के भविष्य की रणनीति तय करने के लिए गुरुवार को बैठक होगी. किसान संयुक्त मोर्चा के नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने गुरुवार को बताया कि किसानों ने अपना आंदोलन स्थगित करने का फैसला ले लिया है. गुरनाम सिंह चढूनी ने बताया कि अब हम 15 जनवरी को समीक्षा बैठक करेंगे. अगर सरकार अपने वादे पूरे नहीं करती है तो हम फिर से अपना आंदोलन शुरू कर सकते हैं.Also Read - शादी के कार्ड पर किसान आंदोलन की झलक, दूल्हे ने लिखवाया- जंग अभी जारी है, MSP की बारी है

इससे पहले बुधवार सुबह संयुक्त किसान मोर्चा (Samyukt Kisan Morcha) के 5 सदस्यीय कमेटी के सदस्य अशोक धवले (Ashok Dhawle) ने कहा, ‘सरकार बातचीत को तैयार है और लिखित में कुछ दे रही है तो हम इस बात की सराहना करते हैं. लेकिन सरकार के प्रस्ताव में कुछ खामियां हैं. इसलिए कल रात हमने सरकार के प्रस्ताव को कुछ संशोधनों के साथ लौटा दिया था, अब हम उनके जवाब का इंतजार कर रहे हैं.’ इसके बाद बुधवार शाम किसान मोर्चा ने जब कहा कि सरकार के प्रस्ताव पर आम सहमति बन गई है. Also Read - Rakesh Tikait ने क्यों कहा- खत्म नहीं हुआ है किसानों का आंदोलन? जानें 26 जनवरी का क्या है 'प्लान'

हालांकि संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के नेता सरकार से मिले प्रस्ताव को ‘लेटरहेड’ पर औपचारिक तौर पर मांग कर रहे हैं. संयुक्त किसान मोर्चा कोर समिति के सदस्य गुरनाम सिंह चढूनी ने बुधवार को कहा कि लंबित मांगों के संबंध में केंद्र सरकार की ओर से पहले प्राप्त हुआ प्रस्ताव का मसौदा स्वीकार करने योग्य नहीं था, इसके बाद केंद्र ने बुधवार को नए सिरे से प्रस्ताव का मसौदा भेजा है. पल-पल की अपडेट के लिए नीचे दी जा रही है…. Also Read - कुछ लोग नमाज को शक्ति प्रदर्शन के लिए इस्तेमाल करते हैं, ऐसा नहीं होना चाहिए : मनोहर लाल खट्टर

Live Updates

  • 6:48 PM IST
    कांग्रेस ने किसान संगठनों की ओर से आंदोलन स्थगित करने के बाद कहा कि एक साल तक चले आंदोलन में नरेंद्र मोदी सरकार के अहंकार की हार हुई और प्रजातंत्र की जीत हुई
  • 5:15 PM IST

    शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि किसानों को जीत की बढ़ाई. लेकिन 700 किसानों की जान किसान आंदोलन के दौरान गई. हम हमेशा किसानों के साथ खड़े रहेंगे.

  • 3:03 PM IST

    किसान नेता दर्शन पाल सिंह ने कहा, सभी किसान प्रदर्शन स्थल को 11 दिसंबर तक खाली कर देंगे

  • 2:53 PM IST

    गुरनाम सिंह चढूनी ने बताया कि अब हम 15 जनवरी को समीक्षा बैठक करेंगे. अगर सरकार अपने वादे पूरे नहीं करती है तो हम फिर से अपना आंदोलन शुरू कर सकते हैं

  • 2:52 PM IST

    किसान संयुक्त मोर्चा के नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने गुरुवार को बताया कि किसानों ने अपना आंदोलन स्थगित करने का फैसला ले लिया है.

  • 2:24 PM IST

    किसानों ने सिंघू बॉर्डर से टेंट उखाड़ने शुरू किए, बोले – घर जाने की तैयार कर रहे हैं, लेकिन अंतिम फैसला संयुक्त किसान मोर्चा ही लेगा.

  • 1:11 PM IST
    संयुक्त किसान मोर्चा की पांच सदस्यीय कमेटी के सदस्य अशोक धवले ने कहा, सरकार की तरफ से मिले नए मसौदा प्रस्ताव पर चर्चा होगी और इसके बाद ही आंदोलन को वापस लेने के संबंध में कोई निर्णय लिया जाएगा.
  • 12:44 PM IST

    भाजपा किसान मोर्चा के अध्यक्ष राजकुमार चाहर का कहना है कि संसद ने कृषि कानूनों को वापस ले लिया है, किसानों की अन्य मांगों को पूरा करने के लिए भी सरकार ने एक कमेटी बना दी है. किसानों की मांग के अनुसार एक प्रस्ताव भी उन्हें भेजा गया है, उम्मीद है कि किसान आंदोलन आज खत्म हो जाएगा.