Kisan Andolan updates: कृषि आंदोलन जारी है. सरकार से वार्ता के बाद कुछ बिंदुओं पर सहमति ज़रूर बनी, लेकिन किसान अब भी कृषि कानून (Farm Laws) वापस लिए जाने की मांग पर अड़े हुए हैं. किसानों का कहना है कि कृषि कानूनों से वापस लिए जाने की मांग से वह पीछे नहीं हटेंगे. जल्द ही अगली बैठक भी होगी. वहीं, सरकार को उम्मीद है कि अगली बैठक में गतिरोध खत्म हो जायेगा.Also Read - अग्निपथ योजना पर बोले हनुमान बेनीवालः किसान आंदोलन में भी झुके थे अब फिर से पीएम मोदी को झुकना होगा

इस बीच विपक्ष के नेताओं ने राज्य सरकारों से कृषि कानून के खिलाफ प्रस्ताव लाने की अपील की है. द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) के अध्यक्ष एमके स्टालिन ने मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी से केंद्र सरकार की ओर से लाए गए तीन नए कृषि कानूनों को निरस्त करने का प्रस्ताव पारित करने के लिए एक विशेष विधानसभा सत्र बुलाने का आग्रह किया. पलानीस्वामी को लिखे पत्र में, तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता ने कहा कि पंजाब विधानसभा के बाद, केरल विधानसभा ने भी इसी तरह का प्रस्ताव पारित किया है. Also Read - पूर्व मुख्यमंत्री पर पार्टी की आम बैठक में चलीं खाली बोतलें, बैठक छोड़कर गए EX CM

तीनों कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे किसानों को देखते हुए स्टालिन ने इसे समय की आवश्यकता बताया. उन्होंने कहा कि तमिलनाडु किसानों का ऋण माफ करने और उन्हें मुफ्त बिजली देने वाला पहला राज्य है. इसलिए अब राज्य को किसानों द्वारा उनके कठिन समय में खड़ा होना चाहिए. पलानीस्वामी तीन कृषि कानूनों के मुखर समर्थक हैं और दावा किया है कि ये किसानों के लिए फायदेमंद हैं. Also Read - 10-10 रुपये के सिक्के जमाकर शख्स ने इकट्ठे किए 6 लाख रुपये, खरीदी नई कार, बैंकों की भी खोली ये पोल