नई दिल्ली: किसान क्रांति पदयात्रा आज दिल्ली पहुंचेगी. हजारों किसान हरिद्वार से दिल्ली के लिए मार्च कर रहे हैं. किसानों के मार्च को देखते हुए दिल्ली-यूपी सीमा पर भारी फोर्स तैनात कर दी गई है और उन्हें यूपी-दिल्ली बॉर्डर पर ही रोक लिया गया है. किसानों का कर्जा माफ, खेती के लिए सस्ती दरों पर बिजली और अन्य मांगों को लेकर किसान भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के बैनर तले किसान दिल्ली के लिए कूच कर रहे हैं. किसानों को रोकने के लिए पूरे यमुनापार में धारा-144 लगा दी गई है. बॉर्डर पर रोके जाने के बाद भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष नरेश टिकैत ने सरकार पर जोरदार हमला बोला. उन्होंने कहा कि हम लोगों को यूपी-दिल्ली बॉर्डर पर क्यों रोका गया है? हमलोग अनुशासित तरीके से आगे बढ़ रहे थे. अगर हम अपनी समस्याएं सरकार को नहीं बताएं को क्या पाकिस्तान या बांग्लादेश को बताएंगे. Also Read - दिल्ली: कपिल मिश्रा के खिलाफ वारंट जारी, केजरीवाल सरकार के मंत्री ने दर्ज कराया था केस

क्या है किसानों की मांग
किसान कर्जा माफी 60 साल की आयु के बाद पेंशन, पीएम फसल बीमा योजना में बदलाव, गन्ने की कीमतों का जल्द भुगतान, सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली, किसान क्रेडिट कार्ड पर ब्याज मुक्त लोन, आवारा पशुओं से फसल का बचाव, सभी फसलों की पूरी तरह खरीद हो. इसके अलावा किसान स्वामीनाथन कमिटी की रिपोर्ट को लागू करने की भी मांग कर रहे हैं. साथ ही गन्ने की कीमतों के भुगतान में देरी पर ब्याज की मांग भी शामिल है. Also Read - सीएम केजरीवाल की 'रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ' अनूठी मुहिम शुरू, राघव चड्डा लोगों के बीच पहुंचे

सोमवार रात गाजियाबाद में जिलाधिकारी और एसएसपी ने करीब एक घंटे तक किसानों को समझाने की कोशिश की लेकिन किसान दिल्ली जाने पर अड़े रहे. सोमवार देर रात प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों के साथ किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली से वापस लौटे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हिंडन एयर फोर्स स्टेशन पर मुलाकात की. मुख्यमंत्री और प्रतिनिधिमंडल के बीच करीब दो घंटे चली वार्ता विफल रही और प्रतिनिधिमंडल के लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने की मांग पर अड़े रहे जिस पर मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्रियों से बातचीत की. Also Read - गुरुग्राम में प्रदूषण के नियमों का उल्लंघन करने पर 29 लोगों पर कार्रवाई, एक दिन 7.25 लाख रुपये जुर्माना लगा

कानून-व्यवस्था की समस्या खड़ी होने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने सोमवार को पूर्वी और उत्तरपूर्वी दिल्ली में एक हफ्ते के लिये निषेधाज्ञा लागू कर दी. पूर्वी दिल्ली में पुलिस उपायुक्त (पूर्व) पंकज सिंह ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत आदेश जारी किया जो आठ अक्टूबर तक प्रभावी रहेगा. इस आदेश के अंतर्गत प्रीत विहार, जगतपुरी, शकरपुर, मधु विहार, गाजीपुर, मयूर विहार, मंडावली, पांडव नगर, कल्याणपुरी और न्यू अशोक नगर पुलिस थानाक्षेत्र आते हैं. उत्तरपूर्व दिल्ली में निषेधाज्ञा पुलिस उपायुक्त (उत्तरपूर्व) अतुल कुमार ठाकुर की तरफ से जारी की गई और यह चार अक्टूबर तक प्रभावी रहेगी.

आदेश के मुताबिक पुलिस को सूचना मिली है कि बीकेयू अध्यक्ष राकेश टिकैत बड़ी संख्या में समर्थकों के साथ हरिद्वार से नई दिल्ली के किसान घाट तक किसान क्रांति यात्रा पर हैं. ठाकुर ने कहा कि यह मार्च पतंजलि (उत्तराखंड) से मुजफ्फरनगर, दौराला, परतापुर, मोदीनगर/मुरादनगर, हिंडन घाट होते हुए किसान घाट (दिल्ली) तक आयोजित किया जा रहा है. 23 सितंबर को शुरू हुआ यह मार्च दो अक्टूबर को संपन्न होगा.