Kisan Tractor Rally Violence: दिल्ली में गणतंत्र दिवस, 26 जनवरी के दिन किसानों की प्रायोजित ट्रैक्टर रैली के दौरान लाल किले पर हुई हिंसा के मामले में एक बड़ा नाम सामने आया है, जो है लक्खा सिधाना का, जो पंजाब का रहने वाला है. गैंगस्टर लक्खा सिंह सिधाना कभी अपराध की दुनिया का बेताज बादशाह हुआ करता था, जो बाद में राजनीति में आया और फिर समाजसेवा करने में लग गया. दिल्ली में हुई हिंसा में वो भी एक्टिव था और जानकारी के मुताबिक उसकी बड़ी भूमिका थी.Also Read - शादी के कार्ड पर किसान आंदोलन की झलक, दूल्हे ने लिखवाया- जंग अभी जारी है, MSP की बारी है

पंजाब के बठिंडा का रहने वाले लक्खा सिधाना का असली नाम लखबीर सिंह है. वह कबड्डी का अच्छा खिलाड़ी भी रह चुका है. बचपन से खेल में नाम कमाने वाला फिर खेल से अपराध की दुनिया में आने के बाद  वह फिर राजनीति में चला आया. लक्खा सिधाना डबल एमए है. उसने किसान आंदोलन में भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया था. लक्खा पर हत्या, हत्या के प्रयास और मारपीट के कई आरोप लगे हैं. कल की ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा और लाल किले के प्राचीर में पीला झंडा फहराये जाने की घटना में सिधाना का नाम आ रहा है. Also Read - BJP सांसद की किरकिरी, किसानों से ताली बजाने को कहा, सुनने को मिला इनकार

लक्खा कैसे राजनीति में पहुंचा. इस बारे में कहा जाता है कि पंजाब के वित्तमंत्री मनप्रीत बादल ने पहले अपनी पार्टी पंजाब पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) बनाई थी और इसी पार्टी की तरफ से सिधाना ने सबसे पहले रामपुरा क्षेत्र से विधानसभा चुनाव लड़ा था. हालांकि इसमें उसकी जमानत जब्त हो गई थी. Also Read - Rakesh Tikait ने क्यों कहा- खत्म नहीं हुआ है किसानों का आंदोलन? जानें 26 जनवरी का क्या है 'प्लान'

इस विधानसभा चुनाव के दौरान लक्खा सिंह पर गांव भगता भाई में फायरिंग भी हुई थी, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया था. इस घटना के बाद सिधाना ने तत्कालीन अकाली मंत्री सिकंदर सिंह मलूका पर गंभीर आरोप लगाए थे.

राजनीति के बाद लक्खा सिंह सिधाना पिछले कुछ साल से पंजाबी सत्कार कमेटी के साथ जुड़कर पंजाबी भाषा को बचाने के लिए संघर्ष कर रहा था. इसके साथ ही गैंगस्टर लक्खा सिंह सिधाना पंजाब के यूथ्स को बड़े स्तर पर अपने साथ जोड़ भी रहा था.

कुछ समय पहले लक्खा ने नेशनल हाईवे के साइन बोर्ड पर पंजाबी भाषा को तीसरे नंबर पर होने की वजह से उस पर कालिख पोत दी थी. सिधाना के पास दो-दो महंगी लग्जरी गाड़ियां हैं. 25 जनवरी को सिधाना ने सिंघु बॉर्डर पर किसान आंदोलन में स्टेज पर चढ़कर युवाओं को कहा था कि जैसे युवा चाहते है, वैसी ही परेड होगी.

लक्खा सिधाना ने कुछ दिनों पहले अपने सोशल मीडिया पेज पर वीडियो डालकर मीडियाकर्मियों को धमकाया भी था और अपने खिलाफ खबरें लिखने का विरोध भी किया था.