नई दिल्ली: बी.एस. येदियुरप्पा ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के 55 घंटों के अंदर ही विधानसभा में इस्तीफा दे दिया है. येदियुरप्पा ने विधानसभा में बहुमत के लिए पक्ष में आवश्यक सदस्यों की संख्या न होने के कारण इस्तीफा दे दिया है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शनिवार को आयोजित बहुमत परीक्षण के दौरान येदियुरप्पा बहुमत के लिए आवश्यक सदस्यों की संख्या नहीं जुटा सके. विधानसभा में अपने भाषण के बाद उन्होंने अपने इस्तीफे की घोषणा की और वह राज्यपाल को इस्तीफा सौंपने राजभवन चले गए.

12 मई को हुए विधानसभा चुनाव में 104 सीटों के साथ भाजपा सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी लेकिन वो बहुमत से दूर रह गई. जबकि कांग्रेस के पास 78 और जनता दल (सेक्युलर) को 37 सीटें मिली हैं. इसके अलावा दो सीटें निर्दलीयों के पास और एक सीट बसपा के पास है.

सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को कर्नाटक विधानसभा में फ्लोर टेस्ट करने का आदेश दिया था जो बीजेपी के लिए नुकसानदेह साबित हुआ. इससे पहले राज्य के गवर्नर वजुभाई वाला ने येदियुरप्पा सरकार को 15 दिन का समय दिया था. अपना इस्तीफा देते हुए येदियुरप्पा ने विधानसभा में कहा, ”मैं इस्तीफा देने के लिए राज भवन जा रहा हूं और वहां जाकर अपना इस्तीफा गवर्नर को सौंपूंगा.”

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येदियुरप्पा के इस्तीफे के बाद अब जेडीएस के कुमारस्वामी का मुख्यमंत्री बनना तय हो गया है. जेडीएस को कांग्रेस ने अपना समर्थन दिया है और अब दोनों पार्टियां मिलकर कर्नाटक में सरकार बनाने जा रही है. इससे पहले आज पूरे दिन हलचल होती रही, हम आपको इन 10 प्वाइंट में समझाते हैं आज के दिन की बड़ी हलचल –

1. सुबह दस बजे बीजेपी विधायक बस में बैठकर बेंगलुरू के शांगरी-ला होटल में पहुंचे. इस होटल में पार्टी के विधायकों की मीटिंग हुई इसके बाद बस से उन्हें विधानसभा ले जाया गया.

2. सुबह साढ़े 10 बजे कांग्रेस विधायक रामलिंगा रेडी ने पार्टी के विधायक आनंद सिंह के बारे में कहा, शारीरिक तौर पर वह हमारे साथ नहीं हैं, लेकिन वह हमारे नेताओं के संपर्क में है. उन्हें आज विधानसभा में आना होगा. निश्चित रूप से वह हमें वोट करेंगे. वह हमारे साथ हैं. वह वापस आएंगे. सुबह साढ़े ग्यारह बजे तक भी कांग्रेस विधायक आनंद सिंह और प्रताप गौड़ा पाटिल विधानसभा में मौजूद नहीं थे.

3. सुबह साढ़े 10 बजे बीजेपी विधायक केजी बोपैया को प्रोटेम स्पीकर बनाए जाने के खिलाफ कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट पहुंची. कांग्रेस की तरफ से कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी सुनवाई के लिए पहुंचे थे. लेकिन कांग्रेस को सुप्रीम कोर्ट से निराशा हाथ लगी और कोर्ट ने प्रोटेम स्पीकर को हटाने की याचिका खारिज कर दी.

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4. जेडीएस के एचडी कुमारस्वामी ने कहा, मेरे लिए आज महत्वपूर्ण दिन नहीं है, महत्वपूर्ण दिन भविष्य में आएगा. 4 बजे तक बीजेपी हमारे विधायकों तक पहुंचने की कोशिश करेगी. सभी विधायक साथ हैं. कोई भी उनकी तरफ नहीं जा रहा है. हमारा कोई भी विधायक उनके जाल में नहीं फंसा है. मैं और सिद्धारमैया साथ हैं.

5. सुबह ग्यारह बजकर बीस मिनट पर सुप्रीम कोर्ट ने प्रोटेम स्पीकर के मसले पर कांग्रेस की याचिका खारिज की. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्रोटेम स्पीकर केजी बोपैय्या ही फ्लोर टेस्ट करवाएंगे. हालांकि पारदर्शिता के लिए उन्होंने सभी चैनलों पर फ्लोर टेस्ट का लाइव प्रसारण कराने को कहा.

6. सुबह साढ़े ग्यारह बजे येदियुरप्पा और सिद्दारमैया समेत बाकी विधायकों ने सदन की सदस्यता की शपथ ली. विधानसभा सदस्य बनने के बाद येदियुरप्पा और श्रीरामुलु ने लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया. स्पीकर सुमित्रा महाजन ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया.

7. दोपहर एक बजे कांग्रेस नेता वीएस उगरप्पा ने आरोप लगाया कि भाजपा नेता बीवाई विजयेंद्र ने एक विधायक की पत्नी को फोन कर कहा है कि वह अपने पति से येदियुरप्पा के लिए वोट करने के लिए कहें. भाजपा उन्हें मंत्री पद या 15 करोड़ रुपये देगी.

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8. दोपहर डेढ़ बजे कर्नाटक विधानसभा की कार्यवाही को 2.30 बजे तक स्थगित किया गया. विधानसभा को स्थगित किए जाने तक 23 विधायकों को शपथ लेनी बाकी थी. दोपहर सवा तीन बजे कांग्रेस के लापता विधायक प्रताप गौड़ा पाटिल विधानसभा पहुंचे, उनके विधानसभा पहुंचने पर नाटकीय दृश्य देखने को मिला. दोपहर पौने चार बजे कांग्रेस के लापता रहे विधायक प्रताप गौड़ा पाटिला और आनंद सिंह ने सदन की सदस्यता की शपथ ली.

9. दोपहर साढ़े तीन बजे कांग्रेस की तरफ से जारी कथित ऑडियो क्लिप पर बीजेपी विधायक और जनार्दन रेड्डी के भाई सोमाशेखर रेड्डी ने कहा कि वे कांग्रेस के विधायक आनंद सिंह और प्रताप गौड़ा पाटिल को नहीं जानते. वे गोल्फहिंच होटल भी नहीं गए थे.

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10. दोपहर चार बजे विधानसभा में येदियुरप्पा ने लंबा भाषण दिया और इसके बाद इस्तीफा दे दिया. अपने भाषण में येदियुरप्पा ने कहा, ”हमें जनता का प्यार मिला है. बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी. लोगों ने कांग्रेस और जेडीएस के खिलाफ जनादेश दिया. ये दोनों दल एक-दूसरे के खिलाफ लड़े. कांग्रेस-जेडीएस का गठबंधन अवसरवादी है. जनता ने 104 सीटों के साथ हमें आशीर्वाद दिया है. जनादेश कांग्रेस या जेडीएस के साथ नहीं.” भावुक भाषण में येदियुरप्पा ने कहा कि यदि मैं सत्ता खोता हूं तो मैं कुछ नहीं खोऊंगा. मेरा जीवन लोगों के लिए है.