नई दिल्लीः बीते 26 मार्च को उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के बागपत (Baghpat) जिले के सुरूरपुर गांव में भी एक कोरोना पॉजिटिव मरीज के होने की बात सामने आई थी. सूचना मिलने के बाद पूरा प्रशासन अलर्ट हो गया और जिला प्रशासन के 26 अधिकारियों ने गांव में डेरा डाल लिया. पूरे गांव को सेनेटाइज करने के साथ ही लोगों के घरों के बाहर पुलिस की तैनाती कर दी गई और लोगों को घरों से बाहर ना निकलने की सख्त हिदायत दी गई. खुद डीएम शकुंतला गौतम ने गांव वालों को खुद को घरों के अंदर रखने की अपील की. Also Read - BSP प्रमुख मायावती ने राज्यों में ऑक्सीजन की कमी पर जताई चिंता

खबर के बाद हेल्थ डिपार्टमेंट ने पूरे गांव सेनेटाइज किया गया और साथ ही 55 किमी दूर पीएमओ तक सीधे इसकी जानकारी भी पहुंची. गांव में कोरोना पॉजिटिव मरीज के पाए जाने और फिर इस पर प्रशासन द्वारा उठाए कदमों की सूचना प्रधानमंत्री कार्यालय तक भी पहुंची. एक गांव में कोरोना पॉजिटिव मरीज की सूचना प्रधानमंत्री कार्यालय तक कैसे पहुंची यह भी सोचने वाला विषय है. Also Read - Delhi Metro Travel Guidelines: दिल्ली मेट्रो ने Lockdown के दौरान यात्रा के लिए जारी की गाइडलाइंस, अब 8 बजे मिलेगी पहली ट्रेन और....

दरअसल, मामले की गंभीरता को देखते हुए पीएमओ ने एक ऐसा तंत्र तैयार किया है, जो ना सिर्फ बड़े शहरों तक बल्कि छोटे गांवों तक भी नजर बनाए हुए है. जो विदेशों और अन्य शहरों से आने वाले लोगों की जांच में जुटे हैं. ताकि इस महामारी को फैलने से रोका जा सके. इसमें इलाके के विधायकों और पुलिसकर्मियों से लेकर पीएमओ तक ईमेल के माध्यम से जुड़े हैं और कोरोना को लेकर हर छोटे-बड़े इलाकों की खबरें पीएमओ तक पहुंचा रहे हैं. Also Read - Covid-19 RT-PCR Test: कोविड के लक्षण हैं, लेकिन रिपोर्ट में संक्रमण की नहीं हुई पुष्टि तो क्या करें? विशेषज्ञ ने दी यह सलाह...

बात करें बागपत के सुरूरपुर गांव की, तो इस मामले की खबर पीएमओ तक पहुंचाने का सबसे बड़े माध्यम थे संजीव बाल्यान, जो बागपत के सांसद और पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन राज्य मंत्री हैं. सरकारी सूत्रों के मुताबिक, केंद्र विशेष रूप से प्रधानमंत्री कोरोना पर विशेष नजर बनाए हुए हैं और इसके रोकथाम और सुधार के संदर्भ में जमीनी स्तर पर काम कर रहे हैं.

आपको बता दें कि कोरोना के प्रकोप से मजबूती से निपटने के लिए पीएम मोदी ने 11 टीमें गठित की हैं. केंद्र सरकार की तरफ से गठित यह सभी टीमें इस वायरस से बने हालात और चुनौतियों से निपटने का लेखा जोखा तैयार करेंगी. कमेटियों का गठन गृहमंत्रालय की तरफ से किया गया है. नौ कमेटी में केंद्रीय सचिव स्तर के अधिकारी होंगे. जबकि एक कमेटी की अध्यक्षता नीति आयोग के CEO करेंगे.