अगरतला. त्रिपुरा में बीजेपी की जीत के बाद से ही जिस मंदिर की चर्चा सबसे अधिक हो रही है, वह है त्रिपुरा सुंदरी मंदिर. बीजेपी की बड़ी जीत के बाद पार्टी अध्यक्ष अमित शाह से लेकर कई नेता माता त्रिपुरा सुंदरी का नाम ले चुके हैं. अगरतला-सबरूम मार्ग पर उदयपुर शहर से 3 किलोमीटर की दूरी पर यह मंदिर स्थित है. इस मंदिर का निर्माण महाराजा धन्य माणिक्य के शासनकाल में 1501 ई. के दौरान करवाया गया था. इस मंदिर के बारे में सबसे बड़ी बात ये है कि देश के 51 महापीठों में से एक ये भी है. 

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पौराणिक कथा में उल्लेख है कि इस स्थान पर माता सती के सीधे पैर की अंगुलियां गिरी थीं. माता सती के अंगुलियों के निशान आज भी मौजूद हैं. यह मंदिर राज्य के प्रमुख पयर्टन स्थलों में से एक है. हजारों की संख्या में श्रद्धालु हर रोज माता त्रिपुरा सुंदरी के दर्शन के लिए आते हैं. यही नहीं, दिवाली के मौके पर माता त्रिपुरा सुंदरी मंदिर में भव्‍य स्तर पर मेला भी लगता है. इस मेले में हर साल लाखों लोग जुटते हैं. Also Read - GHMC Polls: बृहद हैदराबाद नगर निगम के 150 वार्डों के लिए चुनाव आज, सुबह 7 बजे से वोटिंग शुरू

राजमाला के अनुसार, मंदिर के निर्माण के बाद इसमें भगवान विष्णु की प्रतिमा स्थापित की गई थी. कथा है कि एक रात महाराजा धन्य माणिक्य को सपने में महामाया ने दर्शन दिए और उनसे कि वह उनकी मूर्ति को चित्तौंग से इस स्थान पर लाकर रख दें. इसी के बाद त्रिपुरा सुंदरी की स्थापना इस मंदिर में की गई.

मां त्रिपुर सुंदरी का मंदिर त्रिपुरा के उदयपुर में स्थापित है. ऐसी आस्था है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई कोई भी मुराद पूरी जरूर होती है. त्रिपुरा विधानसभा चुनाव के दौरान बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह सहित पार्टी के कई बड़े नेता त्रिपुरा सुंदरी मंदिर में दर्शन कर चुके हैं. बीजेपी को त्रिपुरा में बहुमत मिला और इस जीत का श्रेय अमित शाह ने मीडिया से बातचीत के दौरान मां त्रिपुरा सुंदरी को दिया.