नई दिल्ली. पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) में 11300 करोड़ रुपये के घोटाले के आरोपी हीरा कारोबारी नीरव मोदी के साथ ही मेहुल चौकसी पर भी जांच एजेंसियों ने शिकंजा कस दिया है. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मेहुल चौकसी समेत 4 लोगों पर पीएनबी में फ्रॉड करने का केस दर्ज किया है. ईडी के रडार पर आया ‘गीतांजलि आभूषण’ का मैनेजिंग डायरेक्टर मेहुल चौकसी नीरव मोदी का मामा है. नीरव मोदी और उसके सहयोगियों के खिलाफ पंजाब नेशनल बैंक द्वारा 11300 करोड़ रुपये के घोटाले में दर्ज कराई गई एफआईआर पर ईडी ने ये कार्रवाई की है. मेहुल की कंपनी गीतांजलि का सालाना टर्नओवर करीब 13 हजार करोड़ का है. गीतांजलि कंपनी का कारोबार देश के साथ-साथ दूनिया के अन्य कई देशों में भी चलता है. गीतांजलि कंपनी की स्थापना साल 1966 में मेहुल चौकसी के पिता ने की थी. गीतांजलि कंपनी दुनियाभर में हीरों का कारोबार करती है. Also Read - लंदन की अदालत में नीरव मोदी की जमानत याचिका लगातार सातवीं बार खारिज : सीबीआई

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इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक, मेहुल चौकसी ने अपने पिता चीनूभाई चौकसी से गीतांजलि कंपनी की जिम्मेदारी 1985 में ली थी. उस समय गीतांजलि कंपनी का टर्नओवर सिर्फ 50 करोड़ रुपये था. रिपोर्ट के मुताबिक 53 साल के चौकसी ने बताया था कि हमेशा से उसका सपना लक्जरी गहनों की दुनिया में सबसे बड़ा खिलाड़ी बनने का था. मेहुल चौकसे के पांच राज्यों के छह शहरों के 20 ठिकाने पर छापेमारी की गई है.इनमें मुंबई, पुणे, सूरत, जयपुर और हैदराबाद शहर में छापेमारी की गई.

कारोबार संभालने से पहले मेहुल कॉलेज में पढ़ता था और शाम के समय पिता से कारोबार की पेचिदगियां समझता था. शुरुआत में गितांजलि जेम्स रफ और पॉलिस डायमंड के कारोबार में थी लेकिन जल्दी ही चोकसी को अहसास हो गया कि वह अपनी कंपनी को रॉ डॉयमंड के क्षेत्र में दुनिया की सबसे बड़ी निर्यातक कंपनी बना सकता है. इसके बाद चोकसी अंतरराष्ट्रीय बाजार में घुसने में कामयाब रहा. वर्ष 2006 में कंपनी सैमुअल ज्वेलर्स इंक का अधिग्रहण कर लिया. इसके 111 हाईएंड स्टोर उसका हो गया. इसके जरिए उसकी अमेरिका के खुदरा कारोबार में पहुंच बन गई. हालांकि पिछले महीने से गितांजलि अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रही है. कुछ महीनों में उसके शेयर 70 फीसदी तक गिर चुके हैं. सेबी भी इस कंपनी में गड़बड़ियों की जांच कर रही है.

इस बीच वित्त मंत्रालय ने कहा है कि नीरव मोदी और उससे पार्टनर्स की करीब 50 कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है. विदेश मंत्रालय ने नीरव मोदी और उसके साथी मेहुल चोकसी का पासपोर्ट निलंबित करते हुए उन दोनों से पूछा है कि उनके पासपोर्ट क्यों नहीं रद्द दिए जाएं. इस बारे में वे एक सप्ताह के भीतर जवाब दें. अगर वे जवाब नहीं देते हैं तो उनके पासपोर्ट रद्द कर दिए जाएंगे. इस बीच 143 एलओयू और 224 फॉरेन लेटर्स ऑफ क्रेडिक को लेकर सीबीआई ने ताजा एफआईआर दर्ज किया है. यह एफआईआर 31 जनवरी को 150 एलओयू को लेकर दर्ज एफआईआर से अलग है.

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सीबीआई ने इंटरपोल से साधा संपर्क

उधर सीबीआई ने नीरव मोदी और उनके परिवार का पता लगाने के लिए इंटरपोल से संपर्क साधा है. एजेंसी में धोखाधड़ी की शिकायत होने से कुछ सप्ताह पहले ही नीरव मोदी परिवार के साथ देश छोड़कर जा चुका है. अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई ने इंटरपोल से ‘डिफ्यूजन नोटिस’ जारी करने का अनुरोध किया है. यह नोटिस किसी व्यक्ति का पता लगाने के लिए जारी किया जाता है. इंटरपोल की वेबसाइट के अनुसार, ‘‘यह (डिफ्यूजन) नोटिस के मुकाबले कम औपचारिक है, लेकिन इसका प्रयोग पुलिस जांच के संबंध में किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी या उसके ठिकाने का पता लगाने या अतिरिक्त संबंधित सूचना पाने के लिया किया जाता है.