Know who is the new Chief Minister of Uttarakhand Pushkar Singh Dhami? उधमसिंह नगर जिले के खटीमा से दो बार के भाजपा विधायक पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) उत्तराखंड के नए मुख्यमंत्री होंगे. भारतीय जनता पार्टी के राज्य मुख्यालय में बतौर पर्यवेक्षक केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, पार्टी मामलों के प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम और निवर्तमान मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत की मौजूदगी में हुई पार्टी विधायक दल की बैठक में उनका नाम सर्वसम्मति से तय हुआ. पुष्कर सिंह धामी रविवार को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे.Also Read - Uttarakhand: चमोली जिले के गांव में बादल फटा, बीआरओ श्रमिकों के शेल्‍टर प्रभावित, राहत व बचाव कार्य जारी

विधायक दल की बैठक के बाद तोमर ने बताया कि धामी के नाम का प्रस्ताव निवर्तमान मुख्यमंत्री तीरथ सिंह और प्रदेश पार्टी अध्यक्ष मदन कौशिक ने रखा जिसका अनुमोदन पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत सहित कई विधायकों ने किया. उन्होंने बताया कि बैठक में धामी के अलावा किसी और के नाम का प्रस्ताव नहीं रखा गया जिसके बाद उन्हें विधायक दल का नेता चुन लिया गया. Also Read - Char Dham Yatra Guidelines: कल से शुरू हो रही है चारधाम यात्रा, दर्शन के लिए जरूरी है रजिस्ट्रेशन और ई-पास, जानिए डिटेल्स

छात्र राजनीति से जुड़े रहे 45 वर्षीय धामी महाराष्ट्र के राज्यपाल और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यिारी के करीबी हैं और माना जाता है कि कोश्यिारी उन्हें उंगली पकड़कर राजनीति में लाए थे. उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) का भी काफी करीबी माना जाता रहा है. पुष्कर सिंह धामी उत्तराखंड में बीजेपी के युवा मोर्चा के अध्यक्ष भी रह चुके हैं. वह साल 2002 से 2008 तक इस पद पर रहे थे. धामी के अलावा, परिवार में उनकी तीन बहन भी हैं. धामी का जन्म गांव टुण्डी, पिथौरागढ़ में हुआ था. उन्होंने मानव संसाधन प्रबंधन एवं औद्योगिक संबंध में पीजी और एलएलबी की शिक्षा पूर्ण की है. Also Read - फोटोग्राफर देख सके पूरा चेहरा! महाराष्ट्र के राज्यपाल ने महिला साइकिल चालक का अपने हाथ से उतार दिया मास्क

धामी के नाम का ऐलान होते ही उनके समर्थकों ने जमकर उनके नाम के नारे लगाए और उन्हें फूल मालाओं से लाद दिया. समर्थकों के जयकारों के बीच धामी ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित अपने पूरे केंद्रीय नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हैं कि उन्होंने इस जिम्मेदारी के लिए उन पर भरोसा किया. उन्होंने कहा कि वह पिथौरागढ़ के सीमांत क्षेत्र कनालीछीना में एक पूर्व सैनिक के घर में पैदा हुए लेकिन खटीमा उनकी कर्मभूमि है.

वर्ष 2022 में होने वाले विधानसभा चुनावों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग से वह न केवल हर चुनौती को पार करेंगे बल्कि अपने पूर्ववर्तियों द्वारा किए गए कार्यों को आगे बढाएंगे. उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता जनता की सेवा है जिसके लिए वह पूरे मन से काम करेंगे.

(इनपुट भाषा)