नई दिल्ली : दुनियाभर में कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण हर देश को मुश्किल में डाल रखा है. इस महामारी से निपटने के लिए कई देशों में तो लॉकडाउन घोषित किया जा चुका है. भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने भी 24 मार्च की रात 21 दिनों के लॉकडाउन की घोषणा की थी, जिसके मुताबिक देश में यह लॉकडाउन 14 अप्रैल तक चलेगा. इसके बाद तीन अप्रैल शुक्रवार की सुबह पीएम मोदी ने एक वीडियो संदेश देशवासियों के नाम जारी किया था, जिसमें उन्होंने देशवासियों से एक और अपील की.Also Read - COVID-19 Update: कोरोना के 30,773 नए केस आज आए, केरल के 19,325 मामले शामिल, एक्‍ट‍िव मरीजों की संख्‍या घटी

उन्होंने देशवासियों से रविवार (5 अप्रैल) की रात 9 बजे 9 मिनट तक अपने घरों की लाइट बंद कर टॉर्च, दीया, मोमबत्ती, मोबाइल की फ्लैशलाइट जलाने की अपील की. दरअसल, पीएम मोदी ने इस अपील के जरिए संकट की इस घड़ी में लोगों से एकजुटता दिखाने की अपील की है. पीएम मोदी की इस अपील के बाद अब लोग यह भी सोच रहे हैं कि क्या इस अपील के पीछे कोई वैज्ञानिक कारण भी है. तो बता दें उनकी इस अपील के पीछे वैज्ञानिक कारण भी है. Also Read - Vivek Oberoi अभिनीत PM Modi की बायोपिक ओटीटी पर इस दिन होगी रिलीज, सामने आया Trailer- VIDEO

दरअसल, पीएम मोदी की इस अपील का सीधा संबंध योग वशिष्ठ के छठे अध्याय से है, यह अध्याय सामूहिक चेतना के सिद्धांत के बारे में बताता है. क्योंकि 95 फीसदी लोग वही करते हैं जो सोचते हैं. ऐसे में सकारात्मक और नकारात्मक दोनों ही तौर पर यह आपकी सोच आपके शरीर को प्रभावित करती है. बता दें इन दिनों कोरोना का सबसे अधिक प्रभाव अमेरिका और इटली में देखने को मिल रहा है. कोरोना से अभी तक अमेरिका में 8 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं इटली में 15 हजार से अधिक लोग इस महामारी के चलते अपनी जान गंवा चुके हैं. Also Read - Rajasthan: पिता ने 4 बेटियों को पहले जहर खिलाया, पानी के टैंक में डुबोकर मारा, फिर सुसाइड की कोशिश की