कोलकाता: पश्चिम बंगाल सीआईडी मिदनापुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली के दौरान पंडाल गिरने की घटना की जांच में मदद कर रही है. राज्य सरकार के एक अधिकारी आज यह जानकारी दी. पुलिस ने बताया कि दुर्घटना में कुल 90 लोग घायल हुए थे. उसने बताया कि आयोजक और पंडाल लगाने वालों के खिलाफ कर्तव्य में लापरवाही का मामला दर्ज किया गया है. अधिकारी ने बताया कि राज्य सीआईडी रैली के स्थल की फॉरेंसिक जांच में मदद कर रही है. Also Read - भाजपा के 'चाणक्य' गृहमंत्री अमित शाह को पीएम मोदी ने दी जन्मदिन की बधाई, कही ये बात

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सीआईडी की फॉरेंसिक टीम की जांच के निष्कर्षों का हवाला देते हुए अधिकारी ने राज्य सचिवालय में कहा कि कार्यक्रम स्थल पर आखिरी समय में कुछ परिवर्तन किया गया था. अधिकारी ने बताया कि लोहे के खंभों के आसपास मिट्टी को ठीक से नहीं लगाया गया था और बारिश के कारण कहीं-कहीं जल-जमाव हो गया. साथ ही मिट्टी मुलायम हो गयी और खंभों को खड़े रखने की उसकी क्षमता कमजोर हो गयी. उन्होंने बताया कि रैली के दौरान पुलिस अधिकारियों से मारपीट करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

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बता दें कि 16 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिदनापुर रैली में पंडाल गिर गया था. इस घटना में कम से कम 90 लोग घायल हो गए. पंडाल रैली स्थल के मुख्यद्वार के बगल में लोगों को बारिश से बचाव के लिए बनाया गया था. पंडाल उस समय गिरा जब मोदी अपना भाषण दे रहे थे. केंद्र ने इसकी रिपोर्ट ममता सरकार से मांगी थी. गृह मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘केंद्र ने मिदनापुर में पंडाल गिरने की घटना पर पश्चिम बंगाल सरकार से एक रिपोर्ट मांगी है जिसमें कई लोग घायल हो गए. अधिकारियों ने बताया कि मोदी ने अपने संबोधन के दौरान पंडाल गिरते देखा और तत्काल अपने पास खड़े एसपीजी कर्मियों को लोगों को देखने और घायलों की सहायता करने का निर्देश दिया.