नई दिल्ली. कोलकाता पुलिस के आयुक्त राजीव कुमार से सीबीआई नौ फरवरी को शिलॉन्ग में करोड़ों रुपए के सारदा चिटफंड घोटाले के सिलसिले में पूछताछ करेगी. यह जानकारी अधिकारियों ने गुरुवार को दी. दो दिनों पहले सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जांच एजेंसी के साथ पूरा सहयोग करने का निर्देश दिया था. एजेंसी ने तृणमूल कांग्रेस के पूर्व राज्यसभा सदस्य कुणाल घोष को पूछताछ के लिए 10 फरवरी को शिलॉन्ग बुलाया है. सुप्रीम कोर्ट ने बीते मंगलवार को कोलकाता पुलिस आयुक्त राजीव कुमार को निर्देश दिया कि वह सीबीआई के समक्ष पेश हों और जांच में पूरा सहयोग करें.

अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी कुमार से इसलिए पूछताछ करना चाहती है कि वह सारदा एवं अन्य पोंजी घोटाला मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी के प्रमुख थे. अधिकारियों ने कोलकाता में बताया कि सीबीआई घोष द्वारा प्रवर्तन निदेशालय को लिखे 91 पन्ने के पत्र को आधार बना रही है जिसमें पोंजी घोटाले की जांच में कुमार की भूमिका का विस्तृत ब्यौरा है. घोष को टीएमसी ने निष्कासित कर दिया था. राजीव कुमार सहित कुछ हाई प्रोफाइल संदिग्धों से पूछताछ के दौरान अतिरिक्त श्रम बल मुहैया कराने के लिए सीबीआई ने दिल्ली, भोपाल और लखनऊ इकाई के दस अधिकारियों को 20 फरवरी तक कोलकाता भेजा है.

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एक आधिकारिक आदेश में बताया गया कि नई दिल्ली में विशेष इकाई के पुलिस अधीक्षक जगरूप एस. गुसिन्हा के साथ अतिरिक्त एसपी वीएम मित्तल, सुरेन्द्र कुमार मलिक, चंदर दीप, उपाधीक्षक अतुल हजेला, आलोक कुमार शाही और पीके श्रीवास्तव, निरीक्षक हरिशंकर चांद, रितेश दानही और सुरजीत दास कोलकाता में तैनात होंगे. इसमें बताया गया कि ये अधिकारी अस्थायी रूप से सीबीआई ईओ-चार, कोलकाता में पदस्थ होंगे. उन्हें शुक्रवार तक कोलकाता पहुंचने के लिए कहा गया है और अस्थायी तौर पर वे 20 फरवरी तक वहां रहेंगे.

इस बीच केंद्र सरकार ने कोलकाता पुलिस और सीबीआई के अधिकारियों के बीच गतिरोध में शामिल पुलिस के पांच सीनियर अफसरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का फैसला किया है. सरकार के आधिकारिक सूत्रों ने गुरुवार को यह जानकारी दी. पुलिस अधिकारियों को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ सड़क प्रदर्शन में हिस्सा लेने के लिए कार्रवाई का सामना करना होगा. दरअसल, सीबीआई और कोलकाता पुलिस के बीच बीते दिनों एक जांच प्रक्रिया के दौरान विवाद हो गया था. इस कारण कोलकाता पुलिस ने पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार से पूछताछ करने पहुंची सीबीआई की टीम को रोक लिया था. इसके बाद पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी, राजीव कुमार के पक्ष में आ गईं और उन्होंने केंद्र सरकार पर जान-बूझकर परेशान करने का आरोप लगाते हुए धरना शुरू कर दिया था. बाद में सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद धरना समाप्त हुआ था.

(इनपुट – एजेंसी)