शिलांग: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने शनिवार को कोलकाता पुलिस आयुक्त राजीव कुमार से चिटफंड घोटाला मामले में यहां आठ घंटे पूछताछ की. उनको पूछताछ के लिए फिर रविवार को पेश होने को कहा गया है. उधर, तृणमूल कांग्रेस के पूर्व सांसद कुणाल घोष भी सीबीआई के समन पर शिलांग आ चुके हैं. कुणाल घोष को शारदा और रोज वैली चिटफंड घोटालों में 2013 में गिरफ्तार किया गया था. बाद में उनको 2016 में कलकत्ता उच्च न्यायालय से अंतरिम जमानत मिली थी.

नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर सीबीआई के एक अधिकारी ने बताया, “उनसे (राजीव कुमार) पूर्वाह्न् 10.45 बजे से लेकर करीब आठ घंटे तक पूछताछ की गई. उनको कल (रविवार) फिर पूछताछ के लिए बुलाया गया है.” अधिकारी ने कहा, “हम नहीं बता सकते हैं कि क्या घोष कल (रविवार) टीम के सामने पेश होंगे.” सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद कुमार शुक्रवार की शाम कोलकाता से गुवाहाटी होते हुए शिलांग पहुंचे थे. सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार को मामले में सुनवाई के दौरान उन्हें शिलांग में सीबीआई जांच में शामिल होने का निर्देश दिया था.

कौन हैं ये पुलिस कमिश्नर, जिनके लिए रात में धरने पर बैठीं ममता बनर्जी, हो रहा रेल रोको प्रोटेस्ट

उनके साथ प्रदेश के तीन अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी पहुंचे. ये अधिकारी अतिरिक्त पुलिस आयुक्त जावेद शमीम, एसटीएफ प्रमुख मुरलीधर शर्मा और सीआईडी प्रमुख प्रवीण कुमार त्रिपाठी थे. सीबीआई दफ्तर से निकलने के बाद कुमार के कानूनी सलाहकार विश्वजीत देब ने पत्रकारों को बताया, “सहयोग नहीं करने का सवाल ही नहीं है. उन्होंने पहले भी सहयोग किया और अब भी कर रहे हैं.”

मेघालय पुलिस कुमार को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया करवा रही है. ओकलैंड स्थित सीबीआई दफ्तर को किले में तब्दील कर दिया गया जहां मेघालय पुलिस के विशेष बल (एसएफ)-10 पर सुरक्षा की जिम्मेदारी है. मेघालय के पुलिस प्रमुख आर. चंद्रनाथन अपने अंगरक्षकों के साथ सीबीआई दफ्तर पहुंचे थे, जबकि उनके कोलकाता के उनके समकक्ष से पूछताछ चल रही थी. हालांकि उन्होंने वहां पत्रकारों से बात करने से मना कर दिया. मेघालय पुलिस ने कहा, “डीजीपी (पुलिस महानिदेशक) सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए पहुंचे थे, लेकिन उन्होंने किसी से बात नहीं की.”