कोलकाता : पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता देश का इकलौता ऐसा शहर है जहां ट्राम सेवा शहर की खास पहचान है. यहां ट्राम का सफर करना एक बेहतरीन और सुखद एहसास है. कोलकाता मे चलने वाली ट्राम इस शहर की पुरानी विरासत है. अब भीषण गर्मी के बीच ट्राम के यात्रियों के लिए एक अच्छी खबर है. यहां ट्राम पूरी तरह से एयर-कंडीशड होने जा रही है, जिसकी वजह से इसमें सफर करना और रोमांचक और मजेदार हो जाएगा. लोग ट्राम की सवारी को खूब इज्वांय करते हैं. धीमी रफ्तार में चलने वाली ट्राम कोलकाता की खूबसूरती को देखने का एक बेहतरीन जरिया है.

कलकत्ता ट्रामवेज कंपनी द्वारा चलाई जा रही ट्राम को अब एडवांस किया जा रहा है और इसमें नई सुविधाएं जोड़ी जा रही हैं. चिलचिलाती गर्मी में महानगर के लोगों को आरामदायक सफर देने के लिए यह सराहनीय कदम है. ट्राम सेवा को शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में से एक में शुरू किया गया था, जो श्यामबाजार को एस्प्लेनेड से जोड़ता है.  32-सीटर सिंगल कोच 35 किमी प्रति घंटे की कम गति से चलता है, जिससे एक दिन में छह राउंड ट्रिप होते हैं. यह अनुमान लगाया जा रहा है कि ट्राम को एडवांस बनाने में कुल लागत 25 लाख के आसपास है, फिर भी यह सामान्य नान-एसी ट्राम के मुनाफे को तीन गुना बढ़ा रही है.

हालांकि ट्राम शहर के बसों, ऑटो और महानगरों की तुलना में एक धीमी रफ्तार से चलने वाला वाहन है, लेकिन इसका अपना अलग रोमांच है. भले ही स्थानीय लोग हर दिन इससे सफर नहीं करते हों, लेकिन टूरिस्ट निश्चित रूप से इस पर सवारी करना पसंद करते हैं.

कोलकाता में 1902 में ट्राम की शुरुआत हुई थी और इसे एशिया के सबसे पुरानी ट्राम सेवा में से एक माना जाता है. हालांकि यह पहली बार नहीं है कि महानगर में एसी ट्राम चलने जा रही है. साल 2013 में हेरिटेज टूर के लिए दो एसी कोच- चैरेवति और रूपसी बंग्ला लॉन्च किए गए थे.