नई दिल्ली: कोझिकोड हवाई अड्डे पर शुक्रवार को हुए विमान हादसे की वजह को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं. हालांकि अभी तक इस दुर्घटना के कोई भी पुख्ता सबूत सामने नहीं आए हैं. इस बीच दुर्घटनास्थल का निरीक्षण करने केरल गए केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि उनके पास खुद कई सवाल हैं, लेकिन जांच रिपोर्ट आने तक धैर्य रखें. Also Read - ‘वंदे भारत’ उड़ानों के लिए क्यों नहीं दिए गए फ्री में टिकट? नागर उड्डयन मंत्री ने दिया ये जवाब

नागर विमानन मंत्री ने कहा, “राजनीतिक प्रणाली में मेरे कुछ सहकर्मियों ने कोझिकोड विमान हादसे के तथ्यों का पता लगाये बगैर इस घटना के बारे में सवाल उठाये हैं.” उन्होंने कहा कि कोझिकोड हवाईअड्डा ऑपरेटर ने डीजीसीए द्वारा नियमित रूप से उठाये जाने वाले मुद्दों, जैसे कि रबर का जमा होना, पानी का प्रवाह अवरुद्ध होना, हवाईपट्टी पर दरार पड़ना आदि का समाधान किया है. Also Read - केरल, पश्चिम बंगाल से अरेस्‍ट अलकायदा आतंकियों का ये था प्‍लान, पाक हैंडलर से मिल रहे थे आदेश

उन्होंने कहा कि रबर का जमा होना, हवाईपट्टी पर दरार पड़ना जैसी चिंताएं प्रकट करना डीजीसीए का सामान्य कार्य है. यह इन्हें दुरूस्त करने को सख्ती से सुनिश्चित करता है. मंत्री ने कहा कि कोझिकोड विमान हादसे के मामले में वायुयान अधिनियम के तहत जांच का आदेश दिया गया है. ब्लैक बॉक्स बरामद हो गया है. जांच के नतीजे सार्वजनिक किये जाएंगे. Also Read - दिल्ली को दहलाने की साजिश नाकाम, NIA ने पश्चिम बंगाल और केरल से अल-कायदा के 9 आतंकियों को किया गिरफ्तार

केंद्रीय मंत्री ने ट्वीट कर लिखा, “मैं अपने सहकर्मियों को याद दिलाना चाहूंगा कि कोझिकोड में दुर्घटना का शिकार हुआ विमान बी -737-800 एक वाइड बॉडी वाला विमान नहीं है. जहां वाइड बॉडी विमान का सवाल है, तो DGCA ने गहन मूल्यांकन और निर्धारित व्यापक शमन उपाय किए थे.”

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने एक के बाद एक ट्वीट कर विपक्षी नेताओं द्वारा उठाए गए सवालों के जवाब दिए. उन्होंने अपने अगले ट्वीट में लिखा, “एएआई ने रनवे को मजबूत किया था और इसके बाद 2018 में वाइड बॉडी एयरक्राफ्ट ऑपरेट करने के लिए आवश्यक अनुमति जारी की गई. नतीजतन, कुछ कैरियर्स ने कोझिकोड हवाई अड्डे के लिए वाइड बॉडी एयरक्राफ्ट की कुछ उड़ानों का संचालन शुरू किया.”

साथ ही उन्होंने कहा कि सभी को संयम रखने, गैर जिम्मेदाराना अवलोकन पर आधारित अटकलें लगाने से दूर रहने की अपील की जाती है. उन्होंने कहा, “जो लोग मीडिया की खबरों में जगह पाना चाहते हैं, सांविधिक जांच के नतीजे का इंतजार करें. उसके बाद तथ्यों के आधार पर मुद्दे की तफ्तीश करें.”

गौरतलब है कि जांचकर्ताओं ने कोझिकोड हवाईअड्डे पर दुर्घटनाग्रस्त हुए एअर इंडिया एक्सप्रेस के विमान के डिजिटल फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर रविवार को खोज लिये जिन्हें ब्लैक बॉक्स भी कहा जाता है. इससे यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि शुक्रवार को यहां हवाईपट्टी पर विमान कैसे फिसला और दुर्घटना क्यों हुई. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. वहीं, दुर्घटना में घायल एक और व्यक्ति की मौत हो जाने के बाद मृतक संख्या बढ़कर शनिवार को 18 हो गई.

उल्लेखनीय है कि दुबई से आ रहा एअर इंडिया एक्सप्रेस (एआईई) का विमान शुक्रवार शाम सात बजकर 40 मिनट पर भारी बारिश के बीच कोझिकोड हवाईअड्डे पर उतरने के दौरान हवाईपट्टी से फिसल कर 35 फुट गहरी खाई में जा गिरा और उसके दो टुकड़े हो गए. विमान में 190 लोग सवार थे. एक अधिकारी ने कहा कि विभिन्न अस्पतालों में भर्ती 149 घायलों में से 23 की हालत नाजुक है जबकि 23 अन्य को प्रारंभिक चिकित्सा सहायता के बाद छुट्टी दे दी गयी.

नागर विमानन मंत्री पुरी ने ट्वीट किया, “दुर्घटनाग्रस्त हुए विमान का डिजिटल फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (डीएफडीआर) और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (सीवीआर) बरामद कर लिया गया है. एएआईबी (विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो) इसकी जांच कर रहा है.” नागर विमानन महानिदेशालय के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘विमान से मिले डीएफडीआर और सीवीआर से इस हादसे के कारणों का पता चलने में मदद मिलेगी.’’ अधिकारी के अनुसार, ये उपकरण एएआईबी के पास हैं और आगे जांच के लिए इन्हें दिल्ली भेजा जाएगा.