नई दिल्‍ली: केंद्रीय पुलिस कल्‍याण भंडार (KPKB) ने एमएचए से स्‍वदेशी के मानदंड को विस्तार से बताने के लिए एमएच से अनुरोध करने के बाद सभी अर्धसैन्‍य बलों की कैंटीना को भेजे एक आदेश में कहा है कि जब तक कि स्‍वेदश फर्म और प्रोडक्‍ट के बारे में एमएचए से निर्देश प्राप्‍त नहीं हो जाते हैं, तब‍ तक सभी कैटेगरी के खरीदी/आपूर्ति के आर्डर तत्‍काल रोक दिए जाएं. Also Read - केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा, राज्‍य सख्‍ती से लॉकडाउन का पालन कराएं, कई जगह उल्लंघन हुआ है

केंद्रीय पुलिस कल्‍याण भंडार मुख्‍यालय ने अपने अंतर्गत सभी प्रमुख भंडार को भेजे ईमेल में कहा कि जैसा कि आप को पता है कि भारत सरकार के मिनिस्‍ट्री ऑफ होम अफेयर्स (MHA) ने एक एक फैसला लिया है, जिसमें केवल स्‍वदेश उत्‍पादों की ब्रिकी केंद्रीय पुलिस कल्‍याण भंडार के माध्‍यम से 1 जून 2020 की जाएगी. बता दें कि केंद्रीय पुलिस कैंटीन में वर्तमान में आपूर्ति के लिए 446 भारतीय और बहुराष्ट्रीय कंपनियां पंजीकृत हैं. Also Read - Cyclone Amphan Update: शाम तक 'विनाशकारी' हो सकता है 'अम्फान', भारी बारिश की चेतावनी, जल्द बैठक करेंगे PM

– जैसा कि अब केपीकेबी (Kendriya Police Kalyan Bhandar) 446 कंपनियों से बना हुआ है, इनमें दोनों नेशनल और मल्‍टीनेशल कंपनीज शामिल हैं. Also Read - खिलाड़ियों के लिए अच्छी खबर, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और स्टेडियम को खोलने की मिली अनुमति, दर्शकों की 'नो एंट्री'

– केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्णय के मद्देनजर इस ऑफिस (KPKB) ने एमएचए से स्‍वदेशी के मानदंड को विस्तार से बताने के लिए एमएच से अनुरोध किया था. जब तक कि स्‍वेदश फर्म और प्रोडक्‍ट के बारे में एमएचए से निर्देश प्राप्‍त नहीं हो जाते हैं, यह निर्देश दिया जाता है कि सभी कैटेगरी के खरीदी/आपूर्ति आर्डर तत्‍काल रोक दिए जाएं.

– खरीदी/ आपूर्ति ऑर्डर्स जो पहले से ही किए जा चुके हैं लेकिन अभी तक संबंधित फर्म के गोदाम से भेजे नहीं गए हैं, उन्‍हें रोका जा सकता है या रद्द किया जा सकता है. फिर भी खरीदी/ आपूर्ति ऑर्डर्स जिन्‍हें आपूर्ति करने वाली फर्म ने भेज दिया है, उन्‍हें कैंसिल नहीं किया जा सकता है और पहले की प्रक्रिया के अनुसार उन्‍हें स्‍वीकार कर लें.

केंद्रीय पुलिस कल्याण भंडारण निकाय ने आदेश जारी कर हर तरह की सामग्री के ऑर्डर पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दिया गया और यह रोक तब तक रहेगी जब तक कि गृह मंत्रालय से स्वदेशी कंपनियों और उत्पादों को लेकर निर्देश प्राप्त नहीं हो जाता है. निकाय ने सभी अर्द्धसैनिक या केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) को सूचित किया है कि जो ऑर्डर दिए जा चुके हैं और जो आपूर्ति होने वाले हैं उन्हें स्वीकार किया जाएगा. बहरहाल, पहले दिए गए जिन ऑर्डर को भेजने की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है, उन्हें स्थगित किया जा रहा है या फिलहाल रद्द किया जा रहा है.

आदेश में कहा गया कि वर्तमान भंडारित माल को बेचने पर परेशान होने की जरूरत नहीं है और जो माल नहीं बिका है, उसे आपूर्तिकर्ता को वापस लौटाने की आवश्यकता नहीं है.

स्वदेशी उत्पाद को लेकर सरकार की ओर से स्पष्टीकरण आने तक केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल की कैंटीनों के लिए सामानों की खरीद के सभी ऑर्डर फिलहाल स्थगित रखे गए हैं. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 13 फरवरी को घोषित किया था कि ऐसी कैंटीन में एक जून से केवल स्वदेशी उत्पादों की बिक्री होगी ताकि घरेलू उद्योगों को बढ़ावा दिया जा सके.

केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों की कैंटीन देश में 1,700 से अधिक
-केंद्रीय पुलिस कैंटीन (सीपीसी) में किराना का सामान, कपड़े, उपहार सामग्री और वाहन एवं अन्य सामानों की बिक्री होती है
– सीएपीएफ की कैंटीन में सालाना करीब 2,800 करोड़ रुपए का व्यवसाय होता है
– इन कैंटीनों के जरिए बल के करीब 10 लाख कर्मियों के परिवारों को सामानों की बिक्री की जाती है
– सीएपीएफ में सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी और एसएसबी के अलावा एनएसजी भी शामिल है