नई दिल्ली: कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके) को फसल उत्पादकता बढ़ाने के लिये किसानों को मृदा परीक्षण के साथ कीटनाशकों एवं उर्वरकों के सही उपयोग को लेकर शिक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी है. उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिये हर संभव कदम उठा रही है कि किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य मिले. Also Read - Kisan Rail: आज से चलेगी देश की पहली किसान रेल, यूपी-बिहार सहित इन राज्यों के किसानों को होगा फायदा, जानें रूट

एक आधिकारिक बयान के अनुसार उत्तर प्रदेश में बदायूं जिले के दातागंज में कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) के प्रशासनिक भवन का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शिलान्यास करते हुए मंत्री ने यह बात कही. तोमर ने कहा कि कृषि क्षेत्र में अध्यादेश और अन्य कानूनी सुधारों को क्रियान्वित किया गया है. इससे किसान अब देश में किसी भी जगह पर लाभकारी मूल्य पर अपनी फसल की बिक्री कर सकते हैं और इस पर सभी तरह की बंदिशें खत्म हो गई हैं. उन्होंने कहा कि देश में 86 प्रतिशत छोटे और सीमांत किसान हैं, जिनकी सरकारी योजनाओं, कार्यक्रमों और सुविधाओं तक पहुंच होनी चाहिए. Also Read - अब झारखंड के खेतों में घुलेगी मिठास, स्ट्रॉबेरी उगाने में जुटे यहां के किसान

कृषि मंत्री के अनुसार यह सुनिश्चित करने में केवीके और वैज्ञानिकों ने अहम भूमिका निभाई है. उन्होंने किसानों से मृदा स्वास्थ्य परीक्षण पर ज्यादा ध्यान देने, कीटनाशकों के अत्यधिक इस्तेमाल से बचने, पानी की बचत के साथ खेती करने व उत्पादकता बढ़ाने की अपील की. कृषि मंत्री ने इस दिशा में केवीके की अहम भूमिका पर भी जोर दिया. Also Read - पीएम मोदी ने कहा- देश में पहली बार रेहड़ी-पटरी वालों को भी मिलेगा लोन, 'जय किसान' मंत्र भी आगे बढ़ा