नई दिल्ली. देश में गुर्जर समुदाय, जाट समुदाय और पटेलों के बाद राजपूत बिरादरी की तरफ से भी आरक्षण की मांग उठी है. विभिन्न क्षत्रिय और राजपूत संगठनों ने सरकारी नौकरियों में आरक्षण की मांग की और साथ ही अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का संकल्प भी लिया है. 

jat organization withdrew rally after meeting with chief minister | हरियाणा में जाट नहीं रोकेंगे शाह का काफिला, 2016 हिंसा के केस वापस लेगी सरकार

jat organization withdrew rally after meeting with chief minister | हरियाणा में जाट नहीं रोकेंगे शाह का काफिला, 2016 हिंसा के केस वापस लेगी सरकार

एक विज्ञप्ति में कहा गया कि देश की पहली क्षत्रिय राउंड टेबल कान्फ्रेंस में संकल्प लिया गया कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण कर क्षत्रिय अपने समाज की प्रतिष्ठा और शौर्य को फिर से स्थापित करेंगे.

क्षत्रिय समाज के नेताओं ने सरकार से मांग की कि वे पद्मावत फिल्म जैसी स्थिति से बचने के लिए ऐतिहासिक और व्यक्ति विशेष पर बनने वाली फिल्मों के लिए एक खास समिति बनाए जो संबंधित फिल्म की विषयवस्तु और पटकथा को देखकर उसे अपनी संस्तुति फिल्म बनाने के लिए दे.

सम्मेलन के संयोजक कैप्टन कुंवर विक्रम सिंह ने कहा कि सर्वसम्मति से यह फैसला किया कि क्षत्रिय समाज के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को आरक्षण दिलाने के लिए देशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा.

इस अवसर पर करणी सेना के प्रमुख लोकेंद्र सिंह कालवी ने कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण है कि लोगों की भावनाओं को आहत करते हुए पद्मावत फिल्म का प्रदर्शन किया गया.