नई दिल्लीः पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव के मामले में इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस ने एक बार फिर से पाकिस्तान को जोरदार फटकार लगाई है. आईसीजे ने गुरुवार यानि आज यूएन जनरल असेंबली को इस पूरे मामले की रिपोर्ट भी सौपी. आईसीजे ने यूएन से कहा कि पाकिस्तान ने इस पूरे मुद्दे को बहुत हल्ले में लिया और साथ ही उसने वियना कन्वेंशन का भी उल्लंघन किया है. Also Read - पाकिस्तान में हालात बिगड़े, 3 बजे तक के लिए बंद किए गए सभी सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म

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कुलभूषण जाधव मामले में अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय (International Court of Justice)के अध्यक्ष जस्टिस अब्दुलकावी यूसुफ ने बुधवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा को अपनी रिपोर्ट सौंपी. जस्टिस यूसुफ ने यूएन को बताया, ‘आईसीजे ने पाया कि पाकिस्तान ने वियना कन्वेंशन के अनुच्छेद 36 के तहत अपने दायित्वों का उल्लंघन किया और मामले में उचित उपाय नहीं किए गए.’ Also Read - समुद्री रास्ते भारत आ रहे 8 पाकिस्तानी गिरफ्तार, 150 करोड़ की हेरोइन जब्त

उन्होंने कहा कि इस मसले में कुलभूषण को जो अधिकार मिलने चाहिए थे पाकिस्तान सरकार की तरफ से उन्हें वे नहीं दिए गए. कोर्ट ने यूएन से कहा कि पाकिस्तान ने कुलभूषण जाधव को काउंसल तक नहीं मुहैया कराया जबकि वियना कन्वेंशन में यह कहीं भी नहीं लिखा कि जासूसी के आरोपी को काउंसलर नहीं दिया जाएगा.

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बता दें कि 12 सितंबर को भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी बात रखी थी. विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs) के प्रवक्ता रवीश कुमार (Raveesh Kumar) ने बताया था कि भारत कुलभूषण जाधव मामले पर फिर से इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (ICJ) जाएगा. उन्होंने कहा था हम कोशिश करेंगे कि आईसीजे की फुल इंप्लीमेंटेशन हो.

आपको बता दें कि कुलभूषण जाधव भारतीय नौसेना के सेवानिवृत्त अधिकारी हैं और उन्हें पाकिस्तान ने जासूसी के झूठे आरोप में जेल में बंद कर के रखा है.