नई दिल्ली/बेंगलुरु. कर्नाटक में जेडी(एस) नेता एचडी कुमारस्वामी बुधवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. सूत्रों के अनुसार, मंगलवार को कांग्रेस और जेडीएस में मंत्रीमंडल को लेकर आमसहमति बन गई. कांग्रेस के डिप्टी सीएम सहित 22 मंत्री होंगे, वहीं जेडीएस का सीएम सहित 12 मंत्री. दूसरी तरफ कुमारस्वामी के शपथ ग्रहण समारोह को विपक्षी शक्ति प्रदर्शन के तौर पर भी देखा जा रहा है. बीजेपी विरोध में आवाज बुलंद कर रही पार्टियों के नेता इस कार्यक्रम में एक मंच पर दिख सकते हैं. Also Read - दिल्ली में जानबूझकर हिंसा की गई, सरकार ऐसी घटनाएं बर्दाश्त नहीं करेगी: केंद्रीय गृह राज्‍य मंत्री

सूत्रों के अनुसार, कुमारस्वामी के शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के भी समारोह में शरीक होने की संभावना है. माकपा महासचिव सीताराम येचुरी, बिहार विधानसभा में विपक्षी नेता तेजस्वी यादव और नेशनल कांफ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला के भी उपस्थित होने की उम्मीद है. बसपा प्रमुख मायावती और सपा नेता अखिलेश यादव भी समारोह में शरीक होंगे. Also Read - सरकार गिरने के बाद हुई BJP विधायकों की मीटिंग, राहुल गांधी ने कहा- ये लोकतंत्र और कर्नाटक के लोगों की हार

ये दो नेता नहीं होंगे शामिल
कुमारस्वामी के शपथ ग्रहण समारोह में पहले द्रमुक नेता एमके स्टालिन भी शामिल होने वाले थे. लेकिन तमिलनाडु में तूतीकोरीन में मंगलवार को हुई घटना के बाद उन्होंने अपना प्रोग्राम कैंसिल कर दिया. दूसरी तरफ तेलंगाना के सीएम केसी राव भी समारोह में शरीक नहीं हो रहे हैं. इसकी वजह उन्होंने कलेक्टरों के साथ मीटिंग को बताया है. Also Read - कर्नाटक: सत्तारूढ़ खेमे में इस्तीफे के बीच आज से शुरू होगा विधानसभा सत्र, कुमारस्वामी सरकार पर संकट के बादल

बीजेपी विरोधी मोर्चे का संकेत
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एम वीरप्पा मोइली ने कहा है कि जद (एस) नेता एच डी कुमारस्वामी का कल कर्नाटक के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ग्रहण देश में ‘ धर्मनिरपेक्ष ’ और भाजपा विरोधी मोर्चे के गठन का संकेत देगा. उन्होंने कहा कि बेंगलूरु में शपथ ग्रहण समारोह में विभिन्न विपक्षी नेताओं की मौजूदगी इस तरह के मोर्चे के गठन से पहले की बैठक होगी. उन्होंने कहा, ‘‘ समूचा विपक्ष, जिनमें से कई इससे पहले कभी साथ नहीं आए हैं पहली बार वे साथ आ रहे हैं. यह देश में भाजपा विरोधी और धर्मनिरपेक्ष मोर्चे के गठन का संकेत है.’’

पुरानी रंगत में जेडीएस
कर्नाटक में सरकार गठन से एक दिन पहले जदएस के विज्ञापनों में जय प्रकाश नारायण की तस्वीर नजर आई है. नारायण ने आपातकाल के समय पूरे देश को एक करने और इंदिरा गांधी सरकार को गिराने में अहम भूमिका निभाई थी. पूरे पेज के विज्ञापन में नारायण की तस्वीर बीचों-बीच में है. पार्टी प्रमुख एच डी देवगौड़ा और संप्रग प्रमुख सोनिया गांधी की तस्वीर उनकी दाहिनी ओर है. विज्ञापन में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और बसपा प्रमुख मायावती की तस्वीर जेपी की तस्वीर के बायीं ओर है. ऐसा समझा जा रहा है कि जेपी की तस्वीर के जरिए जदएस ने विघटित जनता परिवार और गैर-राजग दलों को अगले साल के लोकसभा चुनावों से पहले एकजुट करने की कोशिश की है.