नई दिल्ली/बेंगलुरु. कर्नाटक में जनता दल (एस)-कांग्रेस गठबंधन का नेतृत्व कर रहे एचडी कुमारस्वामी आज शाम 4.30 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. शपथ ग्रहण समारोह में विपक्ष के कई नेता और कई राज्यों के मुख्यमंत्री भी शरीक होंगे. यह घटनाक्रम अगले साल होने जा रहे लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा विरोधी एक मंच तैयार कर सकता है. कर्नाटक में कांग्रेस के प्रभारी केसी वेणुगोपाल ने बताया कि प्रदेश पार्टी अध्यक्ष जी परमेश्वर उप मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे.

कांग्रेस के 22, जेडीएस के 12 मंत्री
वेणुगोपाल ने बताया कि पूर्व मंत्री और कांग्रेस के रमेश कुमार अगले विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) होंगे, जबकि डिप्टी स्पीकर का पद जेडीएस के खाते में जाएगा. उन्होंने बताया कि कांग्रेस के 22 और जेडीएस से 12 मंत्री होंगे. बृहस्पतिवार को विधानसभा में होने वाले शक्ति परीक्षण के बाद वे शपथ लेंगे. कुमारस्वामी एक हफ्ते के अंदर कर्नाटक में शपथ लेने वाले दूसरे मुख्यमंत्री होंगे. भाजपा के प्रदेश प्रमुख बीएस येदियुरप्पा ने 19 मई को शक्ति परीक्षण का सामना किए बगैर इस्तीफा दे दिया था. कुमारस्वामी ने कहा है कि विभागों के आवंटन पर बृहस्पतिवार को चर्चा होगी. गठबंधन के सुचारू रूप से कामकाज करने के लिए एक समन्वय समिति गठित की जाएगी.

कुमारस्वामी का दूसरा कार्यकाल
यह कुमारस्वामी का दूसरा कार्यकाल होगा. इससे पहले उन्होंने फरवरी 2006 से अक्तूबर 2007 के बीच 20 महीनों तक जेडी(एस)-भाजपा गठबंधन सरकार का नेतृत्व किया था. शपथ ग्रहण समारोह के लिए बड़ा मंच बनाया गया है. समारोह में कई राष्ट्रीय और क्षेत्रीय नेताओं के शरीक होने की उम्मीद है. इसके जरिए 2019 के आमचुनाव से पहले भाजपा को विपक्षी एकजुटता का एक संदेश दिए जाने की उम्मीद है.

कुमारस्वामी ने बताया बड़ी चुनौती
कुमारस्वामी ने स्वीकार किया है कि अगले पांच साल कांग्रेस-जद(एस) गठबंधन की सरकार चलाना उनके लिए बड़ी चुनौती रहेगी. कुमारस्वामी ने कहा कि मेरी जिंदगी की यह बड़ी चुनौती है. मैं यह अपेक्षा नहीं कर रहा कि मैं आसानी से मुख्यमंत्री के रूप में अपनी जिम्मेदारियों को पूरा कर पाऊंगा. गौरतलब है कि 224 सदस्यीय विधानसभा की प्रभावी क्षमता फिलहाल 221 सदस्यों की है. विधानसभा चुनाव में भाजपा 104 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी.