धमतरी: राष्ट्रीय स्वच्छता दूत कुंवर बाई का शुक्रवार को देहांत हो गया. 106 साल की कुंवर बाई की तबीयत खराब होने पर सोमवार को जिला अस्‍पताल में भर्ती कराया गया था. बाद में उन्‍हें रायपुर के अंबेडकर अस्‍पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका निधन हो गया. आखिरी वक्‍त में कुंवर बाई के ब्रेन ने काम करना बंद कर दिया था.

रहीं सुर्ख‍ियों में
कुंवर बाई के घर में शौचालय नहीं था. घर के बेटों का देहांत हो चुका था. ऐसे में घर को संभाले रखने का पूरा जिम्‍मा उनकी बहू और पोती पर आ गया. कुंवर बाई को यह बिल्‍कुल अच्‍छा नहीं लगता था कि उनकी बहू और पोती को शौच के लिए बाहर जाना पड़ता है. लेकिन घर की माली हालत ठीक नहीं थी. इसलिए कुंवर बाई ने घर में शौचालय बनवाने के लिए अपनी सारी बकरियों को बेच दिया. कुंवर बाई ने अपने घर में तो शौचालय बनाया ही, साथ में उन्‍होंने गांव के हर घर जा-जाकर घर में शौचालय बनवाने के फायदों के बारे में बताना शुरू कर दिया. कुंवर बाई के स्वच्छता के प्रति लगन और उत्साह से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी काफी प्रभावित हुए और उन्हें स्वच्छता दिवस के मौके पर दिल्ली में सम्मानित किया था.

पीएम ने छूए पैर

कुंवर बाई को झुक कर प्रणाम करते पीएम मोदी

कुंवर बाई को झुक कर प्रणाम करते पीएम मोदी

इसके बाद छत्तीसगढ़ दौरे पर आए पीएम मोदी ने श्याम प्रसाद मुखर्जी शहरी मिशन के एक समारोह में स्वच्छ भारत मिशन (क्लीन इंडिया कैम्पेन) के प्रति कुंवर बाई के समर्पण को देखते हुए नरेंद्र मोदी ने प्रोग्राम में उनके पैर छुए थे और इसे अपना सौभाग्य बताया था. प्रधानमंत्री ने उन्हें स्वच्छता मिशन का अगुआ घोषित किया था. पीएम मोदी ने कुंवर बाई का पैर छूते हुए कहा था कि वह ना तो टीवी देखती हैं और ना ही पढ़ी लिखी हैं, लेकिन स्‍वच्‍छता मिशन के बारे में जानती हैं.