नई दिल्ली: भारतीय नौसेना प्रमुख (Navy Chief ) एडमिरलआर. हरि कुमार ( Admiral R Hari Kumar) ने शुक्रवार को कहा कि पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर चीन (China) के साथ सीमा संघर्ष के दौरान इंडियन नेवी (indian Navy) के भारतीय युद्धपोतों (Indian warships) को अग्रिम स्थानों (forward positions) पर तैनात किया गया था. नौसेना प्रमुख ने कहा कि उत्तरी सीमाओं पर सुरक्षा की स्थिति ने भारत के सामने चुनौतियों को और बढ़ा दिया है. एडमिरल कुमार ने जोर देकर कहा कि भारतीय नौसेना भारत के समुद्री हितों की रक्षा करने के लिए पूरी तरह से आश्वस्त है. उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना वर्ष 2007 से हिंद महासागर में चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ( PLA Navy) की मौजूदगी पर नजर रखे हुए है.Also Read - IMF ने 2022 में भारत की वृद्धि दर का अनुमान 9 प्रतिशत किया, चीन 4.8%, यूएस 4% फीसदी पर रहेंगे

हिंद महासागर में चीनी नौसेना के तेजी से होते विस्तार और गतिविधियों की पृष्ठभूमि में, नौसेना प्रमुख एडमिरल आर. हरि कुमार ने शुक्रवार को कहा कि भारतीय नौसेना सुरक्षा के प्रति किसी भी खतरे से निपटने में पूरी तरह सक्षम है. Also Read - आजादी के 75 साल में पहली बार पाकिस्‍तान से तीर्थयात्र‍ी PIA की स्‍पेशल फ्लाइट से पहुंचेंगे भारत

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दोहरी चुनौती अब भी जारी है
एडमिरल कुमार ने कहा कि दोहरी चुनौती की यह स्थिति अब भी जारी है. उन्होंने कहा, ऐसी कठिन परिस्थितियों में भारतीय नौसेना हमारे राष्ट्रीय और समुद्री हितों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है. युद्ध और अभियान की तैयारी पर हमारा ध्यान होने से समुद्री क्षेत्र में हम किसी भी चुनौती से निपटने में कामयाब हो सके.

विश्वास दिलाता हूं कि भारतीय नौसेना हितों की रक्षा करने में समक्ष
नेवी चीफ ने कहा, मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि भारतीय नौसेना एक बेहद संतुलित बल है और भारत के समुद्री हितों की रक्षा करने में सक्षम है.एडमिरल कुमार ने कहा कि नौसेना के लिए 1,97,359 रुपए की 72 परियोजनाओं के लिए आवश्यकता की स्वीकृति (मंजूरी) मिल गई है, जिसमें से 1,74,027 करोड़ रुपए की लागत से 59 परियोजनाओं को स्वदेशी तरीके से क्रियान्वित किया जाएगा. सशस्त्र सेनाओं के थिएटरीकरण पर उन्होंने कहा कि समुद्री थिएटर कमान की स्थापना का विवरण तैयार किया जा रहा है और अगले साल के मध्य तक पूरा किया जा सकता है.

हिंद महासागर क्षेत्र में पीएलए नौसेना की उपस्थिति 2008 से है, भारतीय नौसेना ने नजर रखी
नौसेना प्रमुख ने कहा कि चीन की पीएलए नौसेना की उपस्थिति हिंद महासागर क्षेत्र में 2008 से है और भारतीय नौसेना ने उस पर नजर रखी है. उन्होंने कहा, केवल संख्या ही महत्वपूर्ण नहीं है. यह लोगों पर भी निर्भर करता है, आपके पास जो हथियार हैं आप उनका इस्तेमाल कैसे करते हैं, आपकी रणनीति, और आपकी संचालन योजना इत्यादि भी महत्वपूर्ण है. बहुत सारे मुद्दे हैं.हिंद महासागर क्षेत्र में चीनी युद्धपोतों की मौजूदगी का विवरण साझा करते हुए, एडमिरल कुमार ने कहा कि औसतन सात चीनी पीएलए नौसेना के जहाज हैं. वे कभी-कभी अपनी पनडुब्बी भी भेजते हैं.

हमने चीनी जहाजों को कड़ी निगरानी में रखा
एडमिरल कुमार ने कहा, “हम उनके (चीनी) जहाजों की तैनाती के बारे में जानते हैं. हम सब कुछ ध्यान में रखते हुए अपनी रणनीति की योजना भी बनाते हैं. हमने चीनी जहाजों को कड़ी निगरानी में रखा है और हम अब भी ऐसा करना जारी रखे हुए हैं.”

चीन ने बीते 10 सालों में 180 वॉरशिप तैयार किए
नेवी चीफ 4 दिसंबर को मनाए जाने वाले भारतीय नौसेना दिवस से पहले मीडिया को संबोधित कर रहे थे. चीनी नौसेना की ताकत के बारे में बोलते हुए, एडमिरल ने कहा कि उन्होंने पिछले 10 वर्षों में 180 जहाजों का निर्माण किया है. चीनी नौसेना की बढ़ती हुई युद्धक क्षमता और हिंद महासागर में उसकी उपस्थिति पर नवनियुक्त नौसेना प्रमुख ने कहा कि क्षेत्र में हो रहे घटनाक्रम के अनुसार भारतीय नौसेना अपनी तैयारी और क्षमता विकास की योजना सुदृढ़ कर रही है. एडमिरल कुमार ने कहा, हम चीनी नौसेना के विकास से वाकिफ हैं. उन्होंने पिछले 10 वर्षों में 138 युद्धपोत का निर्माण किया है. हर देश को अपनी क्षमता का विकास करने का अधिकार है. हम अपने क्षेत्र में हो रहे घटनाक्रम पर नजर रखते हैं.

39 युद्धपोत बनाए जा रहे, चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार
एडमिरल आर. हरि कुमार ने कहा कि भारतीय नौसेना दोनों चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार है. कुमार ने कहा कि भारतीय नौसेना के लिए बनाए जा रहे 39 युद्धपोतों और पनडुब्बियों में से 37 भारत में ‘मेक इन इंडिया’ के तहत बनाए जा रहे हैं, जो आत्मनिर्भर भारत के लिए हमारी खोज को दर्शाता है. बेड़े में जहाजों के शामिल होने के बारे में विस्तार से बताते हुए उन्होंने कहा कि पिछले सात वर्षों में 28 जहाजों को कमीशन किया गया है.

हवा और पानी के अंदर स्वदेशी-मानवरहित प्रणालियां होंगी, 10 साल का रोड मैप तैयार
मानव रहित प्रणालियों के बारे में बात करते हुए, एडमिरल कुमार ने कहा कि भारतीय नौसेना के पास जल्द ही हवा और पानी के अंदर चलने वाली स्वदेशी-मानवरहित प्रणालियां होंगी. इसके लिए 10 साल का रोडमैप तैयार है.

स्वतंत्रता के बाद से सेना में सबसे बड़ा सुधार
एडमिरल आर. हरि कुमार ने सैन्य मामलों का विभाग बनाने के सरकार के फैसले की सराहना करते हुए कहा, “सैन्य मामलों के विभाग का निर्माण सीडीएस के पद के निर्माण के साथ-साथ स्वतंत्रता के बाद से सेना में सबसे बड़ा सुधार है. यह तेजी से निर्णय लेने में सक्षम बनाता है.” बता दें कि भारत और चीन के बीच पिछले 19 महीनों से सीमा विवाद बढ़ हुआ है.

तीनों सेनाओं के एकीकरण सुधार महत्‍वपूर्ण, संयुक्त समुद्री ‘थियेटर’ कमान की स्थापना महत्‍वपूर्ण
एडमिरल कुमार ने तीनों सेनाओं के एकीकरण की दिशा में हो रहे महत्वाकांक्षी सुधार का समर्थन किया, जिसमें एक संयुक्त समुद्री ‘थियेटर’ कमान की स्थापना शामिल है. भारतीय नौसेना दिवस की पूर्व संध्या पर उन्होंने मीडियाकर्मियों कहा कि भारत की उत्तरी सीमा पर उपजी स्थिति से ऐसे समय सुरक्षा संबंधी जटिलताएं उत्पन्न हो गई जब देश कोविड-19 महामारी से जूझ रहा था. (इनपुट: भाषा-आईएएनएस)