नई दिल्ली: भारत और चीन की सेनाएं लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास डेढ़ महीना पहले भारतीय सेना के साथ हुए झड़प के बाद अब चीनी सेना पीछे हट गई है, लेकिन पूर्वी लद्दाख के पैंगोंग सो इलाके से चीनी सैनिकों की वापसी नहीं हुई है या कम वापसी हुई है. सूत्रों के मुताबिक, गलवान घाटी और कुछ अन्य स्थानों, जहां संघर्ष हुआ था, वहांं से चीन की सेना वापस जा चुकी है, लेकिन पैंगोंग सो इलाके में फिंगर पांच से फिंगर आठ तक के क्षेत्र से चीनी सैनिकों की वापस उस तरह से नहीं हो रही है, जैसा कि भारत ने मांग की थी. Also Read - आर्मी चीफ ने कमांडरों से कहा-किसी भी स्थिति के लिए तैयार रहें, IAF ने उड़ाए चिनूक-अपाचे

भारत और चीन पूर्वी लद्दाख के पैंगोंग सो इलाके से चीनी सैनिकों की वापसी का तरीका तय करने के लिए अगले सप्ताह उच्चस्तरीय सैन्य वार्ता कर सकते हैं. सरकारी सूत्रों ने शनिवार को इस आशय की जानकारी दी. Also Read - संवेदनशील सीमा क्षेत्रों में बढ़ाई गई फोर्स, सेना प्रमुख जनरल नरवणे ने एलएसी पर सैन्य तैयारियों का लिया जायजा

क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करने के लक्ष्य से पूर्वी लद्दाख में संघर्ष वाली जगह से सेनाओं की वापसी को लेकर अभी तक दोनों देशों की सेनाओं के शीर्ष सैन्य कमांडरों के बीच चार चरण की वार्ता हो चुकी है. Also Read - रक्षा मंत्रालय ने चीनी 'घुसपैठ' से जुड़ी रिपोर्ट वेबसाइट से क्यों हटाई, सरकार बताए वास्तविक स्थिति: कांग्रेस

सूत्रों ने बताया कि सैन्य और राजनयिक स्तर पर फिलहाल चल रही वार्ता के परिणामस्वरूप पूर्वी लद्दाख के गश्ती बिन्दु 14, 15 और 17ए से सेनाएं पूरी तरह अपनी-अपनी जगह लौट चुकी हैं.

सूत्र ने बताया, ”पैंगोंग सो वाले इलाके से सेनाओं की पूर्ण वापसी का तरीका तय करने के लिए अगले सप्ताह सेना के शीर्ष कमांडरों की बैठक होने की संभावना है.”

घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले लोगों का कहना है कि गलवान घाटी और कुछ अन्य स्थानों, जहां संघर्ष हुआ था, से चीन की सेना वापस जा चुकी है, लेकिन पैंगोंग सो इलाके में फिंगर पांच से फिंगर आठ तक के क्षेत्र से चीनी सैनिकों की वापस उस तरह से नहीं हो रही है, जैसा कि भारत ने मांग की थी.