नई दिल्ली: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा शनिवार को जारी संशोधित चिकित्सकीय प्रोटाकॉल प्रबंधन के अनुसार गंध और स्वाद महसूस न होने को भी कोविड-19 के लक्षणों में शामिल किया गया है. मंत्रालय ने कहा कि विभिन्न कोविड-19 उपचार केंद्रों में आ रहे कोरोना वायरस से संक्रमित लोग बुखार, खांसी, थकान, सांस लेने में दिक्कत, बलगम, मांसपेशियों में दर्द, नाक बहने, गले में खराबी और दस्त जैसे लक्षणों की शिकायत कर रहे हैं. उन्होंने सांस संबंधी दिक्कत शुरू होने से पहले गंध और स्वाद महसूस न होने जैसे लक्षणों की शिकायत भी की है. Also Read - TCS Jobs 2020: कोरोना संकट के बावजूद इस साल 40 हजार फ्रेशर्स को जॉब देगी TCS

मंत्रालय ने कहा कि बुजुर्ग लोगों और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों में थकान, सजगता की कमी, गतिशीलता की कमी, दस्त, भूख न लगना, अचेत होना और बुखार न होने जैसे कुछ अलग लक्षण भी हो सकते हैं. वयस्कों की तरह बच्चों में बुखार या खांसी जैसे लक्षण नहीं दिखे हैं. अमेरिका के राष्ट्रीय जनस्वास्थ्य संस्थान, रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (सीडीसी) ने मई के शुरू में स्वाद और गंध महसूस न होने को कोविड-19 महामारी के लक्षणों में शामिल किया था. Also Read - राहुल गांधी ने केंद्र सरकार से किया सवाल, पूछा- क्या अब भी भारत कोरोना के खिलाफ लड़ाई में अच्छी स्थिति में है?

महामारी के संकेत और लक्षणों पर एकीकृत स्वास्थ्य सूचना प्लेटफॉर्म एवं एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम के 11 जून तक के आंकड़ों के अनुसार 27 प्रतिशत मामलों में बुखार, 21 प्रतिशत मामलों में खांसी, 10 प्रतिशत मामलों में गले में खराबी, आठ प्रतिशत मामलों में सांस लेने में तकलीफ, सात प्रतिशत मामलों में कमजोरी, तीन प्रतिशत मामलों में नाक बहने और 24 प्रतिशत मामलों में अन्य लक्षणों की शिकायत मिली. Also Read - Corona Vaccine Latest News: इस देश में मनुष्यों पर सफल रहा कोरोना वैक्सीन का ट्रायल, बन सकता है वैक्सीन बनाने वाला पहला देश

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार नए कोरोना वायरस से संक्रमित लोग संक्रमण के मुख्य स्रोत हैं. सीधे व्यक्ति से व्यक्ति में संक्रमण करीबी संपर्क से होता है, मुख्यत: श्वसन कणों (बूंदों) के जरिए जो संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या बात करने पर निकलती हैं. ये बूंद सतह पर भी गिर सकती हैं जहां विषाणु जीवित रहता है. यदि कोई व्यक्ति संक्रमित सतह को छू लेता है और फिर उसके बाद वह अपनी आंखों, नाक या मुंह को छूता है तो उसे संक्रमण हो सकता है.

रोग के सामने आने की औसत अवधि 5.1 दिन (जिसका रेंज दो से 14 दिन तक का हो सकता है) है. अभी इस बारे में निश्चित तौर पर पता नहीं है कि कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति से संक्रमण का प्रसार किस अवधि में शुरू होता है. मौजूदा साक्ष्य के अनुसार संक्रमण फैलने की अवधि लक्षण सामने आने से दो दिन पहले शुरू हो जाती है और किसी व्यक्ति से इसका प्रसार बंद होने में आठ दिन तक का समय लग सकता है. लक्षणमुक्त मामलों से प्रसार होने को लेकर अब भी जांच चल रही है.

(इनपुट भाषा)