India-China military commanders’ talks: पूर्वी लद्दाख में महीने भर से जारी सीमा गतिरोध को हल करने के अपने पहले बड़े प्रयास के तहत भारत और चीन की सेनाएं शनिवार को लेफ्टिनेंट जनरल स्तरीय बातचीत करेंगी. भारत और चीन की सेना के बीच कल यानी छह जून को लेफ्टिनेंट जनरल स्तर की वार्ता होगी. उम्मीद है कि दोनों पक्ष पूर्वी लद्दाख में तनाव कम करने के लिए विशिष्ट प्रस्तावों पर चर्चा करेंगे. यह जानकारी सेना के आधिकारिक सूत्रों ने दी. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह करेंगे. सिंह लेह स्थित 14वीं कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग हैं. चीनी पक्ष का नेतृत्व तिब्बत सैन्य जिला कमांडर करेंगे. यह बातचीत मालदो में सीमा कर्मी बैठक स्थान पर होगी. दोनों पक्षों के मध्य पहले ही स्थानीय कमांडरों के बीच कम से कम 12 दौर की तथा मेजर जनरल स्तरीय अधिकारियों के बीच तीन दौर की बातचीत हो चुकी है. लेकिन चर्चा से कोई सकारात्मक नतीजा नहीं निकला.Also Read - जम्मू-कश्मीर: तीन साल में 400 बार हुई मुठभेड़ में कितने आतंकी मारे गए, कितने सुरक्षाकर्मी हुए शहीद, सरकार ने बताया

पैंगोंग त्सो, गलवान घाटी और डेमचोक में तनाव को कम करने के लिए भारतीय पक्ष वार्ता में विशिष्ट प्रस्ताव रखेगा. पूर्वी लद्दाख के इन तीन क्षेत्रों में दोनों पक्षों के बीच पिछले एक महीने से गतिरोध जारी है. यह पता नहीं चला है कि भारतीय सेना वार्ता में क्या प्रस्ताव रखेगी लेकिन समझा जाता है कि वह इन क्षेत्रों में यथास्थिति बरकरार रखने पर जोर देगी. भारतीय प्रतिनिधिमंडल, अप्रैल 2018 में वुहान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच पहले अनौपचारिक शिखर सम्मेलन में लिए गए निर्णयों के अनुरूप, दोनों सेनाओं द्वारा जारी रणनीतिक दिशानिर्देशों के कार्यान्वयन पर जोर देगा. Also Read - हिंद महासागर पर होगी पैनी नजर, मॉरीशस के द्वीप पर सैन्य ठिकाना बना रहा भारत

बता दें कि चीन-भारत सीमा पर चौकसी रखने वाले अपने वेस्टर्न थियेटर कमांड बलों के लिए चीन ने नये सैन्य कमांडर की नियुक्ति की है. सीमा पर गतिरोध समाप्त करने के मकसद से शनिवार को वरिष्ठ भारतीय और चीनी सैन्य अधिकारियों के बीच होने वाली प्रमुख वार्ता से पहले यह कदम उठाया गया है. पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) की वेस्टर्न थियेटर कमांड ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर घोषणा की है कि लेफ्टिनेंट जनरल शू किलिंग को उसके सीमा बलों का नया कमांडर नियुक्त किया गया है. Also Read - अफगानिस्तान के विदेश मंत्री की भारत से गुहार- तालिबान से हमें बचा लो

गौरतलब है कि पिछले महीने की शुरुआत में गतिरोध शुरू होने के बाद भारतीय सेना ने निर्णय किया कि पैंगोंग त्सो, गलवान घाटी, डेमचोक और दौलत बेग ओल्डी के विवादास्पद क्षेत्रों में चीनी सैनिकों की आक्रामकता से निपटने के लिए वह भी ठोस रवैया अपनाएगी. चीन की सेना ने समझा जाता है कि पैंगोंग त्सो और गलवान घाटी में करीब 2500 सैनिकों की तैनाती की है. इसके अलावा वह अस्थायी ढांचे एवं हथियारों को भी बढ़ा रही है.

पूर्वी लद्दाख में स्थिति तब खराब हुई जब पांच मई की शाम को चीन और भारत के 250 सैनिकों के बीच हिंसा हुई जो अगले दिन भी जारी रही. इसके बाद दोनों पक्ष ‘‘अलग’’ हुए. इससे पहले 2017 में भारत और चीन के सैनिकों के बीच डोकलाम में आमना-सामना हुआ था, जिसके बाद दोनों देशों के बीच युद्ध की आशंका बढ़ गई थी. भारत और चीन के बीच 3488 किलोमीटर वास्तविक नियंत्रण रेखा है.

(इनपुट भाषा)