लेह: भारत और चीन के बीच सैन्य स्तर की बातचीत सकारात्मक मोड पर खत्म होने के बावजूद पूर्वी लद्दाख में गलवान घाटी, हॉट स्प्रिंग्स, देपसांग और पैंगोंग झील के इलाके की स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है. इसी को ध्यान में रखते हुए भारतीय सेना और वायुसेना ने साझा युद्धाभ्यास किया है. Also Read - Indian Air Force Recruitment 2021: 10वीं, 12वीं पास के लिए वायुसेना में निकली बंपर वैकेंसी, जल्द करें आवेदन, मिलेगी अच्छी सैलरी

इस युद्धाभ्यास में भारतीय वायुसेना के फाइटर और ट्रांसपोर्ट विमान शामिल हुए. हालांकि युद्धाभ्यास का मकसद दोनों सेनाओं के बीच तालमेल बढ़ाना था. इस युद्धाभ्यास में सुखोई लड़ाकू विमान और चिनूक हेलिकॉप्टर शामिल हुए. बता दें कि भारत और चीन में तनाव अभी भी कम नहीं हुआ है और विशेषज्ञों की मानें तो ये गतिरोध लंबा चल सकता है. अभी भी गलवान घाटी, पैंगॉन्ग झील और दौलत बेग ओल्डी इलाके में चीनी सेना की तैनाती पहले जैसी बनी है. Also Read - भारत सरकार ने ऑक्सीजन संकट से निपटने के लिए वायुसेना, रेलवे को उतारा; गृह मंत्रालय ने राज्यों को दिए सख्त निर्देश

इसी के मद्देनजर लद्दाख के लेह क्षेत्र में भारतीय सेना और वायुसेना का एक बड़ा युद्धाभ्यास जारी है. इसमें भारतीय सेना के सुखोई-30 एमकेआई अत्याधुनिक लड़ाकू विमान हिस्सा ले रहे हैं. खबरों के मुताबिक सेना की रसद सामग्री और सिपाहियों को तेजी से एक जगह से दूसरी जगह ले जाने के लिए हरक्यूलिस और अलग-अलग मालवाहक विमान भी हिस्सा ले रहे हैं.

इससे पहले भारत ने पूर्वी लद्दाख में गतिरोध के लिए बीजिंग को जिम्मेदार ठहराते हुए बृहस्पतिवार को कहा था कि चीन मई के शुरू से ही वास्तविक नियंत्रण रेखा पर बड़ी संख्या में सैनिक और युद्ध सामग्री जुटा रहा है तथा चीनी बलों का आचरण पारस्परिक सहमति वाले नियमों के प्रति पूर्ण अनादर का रहा है.