नई दिल्ली: पंजाब नेशनल बैंक में हुए देश के सबसे बड़े बैंकिंग घोटाले की इन दिनों हर जगह चर्चा है. घोटाले का मुख्य आरोपी नीरव मोदी बिना लोन चुकाए विदेश भाग गया है और अब जांच एजेंसियां उसे पकड़ने की कोशिश कर रही है. इस घटना से पंजाब नेशनल बैंक की साख पर भी बट्टा लगा है. ऐसे में जब नीरव मोदी ने इतना बड़ा धोखा किया है लोग पीएनबी के ही एक पुराने ग्राहक लाल बहादुर शास्त्री को याद कर रहे हैं. Also Read - PNB घोटाला: सीबीआई ने मेहुल चोकसी, गीतांजलि समूह के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया

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आपको बता दें कि देश के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री भी एक जमाने में पीएनबी से लोन ले चुके हैं. लालबहादुर शास्त्री जब देश के प्रधानमंत्री थे तो उनके पास अपनी पर्सनल कार नहीं थी. ऐसे में शास्त्री जी के बच्चों ने उनसे कहा कि अब आप भारत के प्रधानमंत्री हैं. अब हमारे पास अपनी कार होनी चाहिए.

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शास्त्री जी ने परिवार की बात मानते हुए गाड़ी खरीदने की बात मान ली. शास्त्री जी ने अपने सचिव से ये देखने के लिए कहा कि उनके बैंक अकाउंट में कितने रुपये हैं. जब चेक किया तो पता चला कि अकाउंट में मात्र 7 हजार रूपये हैं और उस समय फिएट कार 12 हजार रुपये में आती थी. ऐसे में अब दिक्कत ये हो गई कि बाकी के पैसे कहां से लिए जाएं.

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लेकिन शास्त्री जी ने कहा कि वो बाकी के पैसे बैंक से लोन लेकर जुटाएंगे. उन्होंने कार खरीदने के लिए पंजाब नैशनल बैंक में 5 हजार रुपये लोन लेने के लिए आवेदन दिया. बैंक ने लोन मंजूर कर दिया और शास्त्री जी ने फिएट गाड़ी ले ली. लेकिन लोन चुकाने से पहले ही शास्त्री जी का निधन हो गया. लालबहादुर शास्त्री के बाद इंदिरा गाँधी देश की प्रधानमंत्री बनीं.

इंदिरा गांधी ने सरकार की तरफ से लोन माफ करने की पेशकश की लेकिन शास्त्री जी की पत्नी ने मना कर दिया. शास्त्री जी की पत्नी ललिता शास्त्री ने अपने पति की मौत के बाद चार साल तक अपनी पेंशन से उस लोन को चुकाया. ये कार अब दिल्ली के लाल बहादुर शास्त्री मेमोरियल में रखी हुई है.