Lala Lajpat Rai Birth Anniversary 2021: महान स्वतंत्रता सेनानी लाला लाजपत राय की आज जयंती है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस महान स्वतंत्रता सेनानी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. पीएम मोदी ने ट्वीट किया , ‘‘महान स्वतंत्रता सेनानी पंजाब केसरी लाला लाजपत राय को उनकी जन्म-जयंती पर कोटि-कोटि नमन. आजादी की लड़ाई में उनका योगदान अतुलनीय है. उनका योगदान कई पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा.’’ Also Read - BARC Report: साल 2020 में PM Modi का टेलीविजन पर रहा जलवा, दूरदर्शन ने भी किया राज, जानिए टॉप ट्रेंड

आज ही के दिन 1865 में पंजाब में जन्में लाला लाजपत राय को ‘‘पंजाब केसरी’’ और ‘‘पंजाब के शेर’’ की उपाधि मिली थी. उन्हें 1920 में कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन में पार्टी का अध्यक्ष चुना गया था. 1928 में भारत की राजनीतिक स्थिति के अध्ययन के लिए गठित साइमन कमिशन के विरोध में प्रदर्शन के दौरान पुलिस लाठीचार्ज में वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे. इस कारण 17 नवंबर 1928 को उनका निधन हो गया था. उस आंदोलन में महान क्रांतिकारी भगत सिंह भी थे. Also Read - In Pictures: जिससे LPG Gas कनेक्शन लेने में होती रही परेशानी, सरकार ने अब बदल दिए नियम

वह पंजाब केसरी पर लाठी से किए गए हमले के गवाह थे. उन्होंने लाला लाजपत राय की मौत का बदला लेने के लिए लाठीचार्ज का आदेश देने वाले पुलिस अधिकारी जॉन पी सैंडर्स से बदला लेने का प्रण किया था. इसी प्रण के तहत भगत सिंह ने सैंडर्स को गोली मारकर हत्या कर दी थी. इस हत्याकांड के कारण ही भगत सिंह को फांसी की सजा हुई थी. इस हत्याकांड में उनके साथ दो अन्य महान क्रांतिकारी राजगुरु और सुखदेव शामिल थे. Also Read - Bihar Politics: JDU के बाद BJP ने दिया तगड़ा झटका, चिराग को छोड़ गए 200 से अधिक नेता-कार्यकर्ता

लाजपत राय ने आजादी की लड़ाई के लिए अपना सब कुछ त्याग दिया था. उनके समय आजादी की लड़ाई में जो तीन प्रमुख नेता थे उनमें से एक थे लाला लाजपत राय. अन्य दो महान क्रांतिकारियों के नाम बाल गंगाधर तिलक और बिपिन चंद्र पाल थे. इन तीनों की त्रिमूर्ति को लाल, बाल, पाल के नाम से जाना जाता था.