पटना। सीबीआई की छापेमारी को लेकर आरजेडी प्रमुख लालू यादव ने शाम को प्रेस कांफ्रेंस कर मोदी सरकार पर करारा वार किया. उनके साथ बेटे तेजस्वी यादव भी थे जिन पर घोटाले के आरोप लग रहे हैं. लालू ने सीबीआई छापेमारी को बिहार में महागठबंधन को बर्बाद करने की कोशिश करार दिया. उन्होंने सवाल उठाया कि इसमें मेरे बेटे, पत्नी को क्यों फंसाया?Also Read - UP Assembly Election 2022: अमित शाह ने टीवी पर अखिलेश यादव को भाषण देते हुए देखा, फिर यूपी आकर बोले...

लालू ने कहा, सीबीआई के 27 अधिकारी मेरे घर आए, मैंने परिवार को सहयोग के लिए कहा, सुशील मोदी के दिए दस्तावेजों पर कार्रवाई हुई है. इसमें सीबीआई का इतना दोष नहीं जितना नरेंद्र मोदी, अमित शाह का है. सीबीआई के लोगों ने हमसे कहा कि हम लोग नहीं ऊपर से कर रह हैं, जॉब दिया गया है कि करो. सीबीआई की कार्रवाई बीजेपी की साजिश है. Also Read - Punjab Polls: पूर्व सीएम अमरिंदर सिंह ने पंजाब में नई सरकार बनाने का बताया फॉर्मूला, BJP से गठबंधन पर कही यह बात

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उन्होंने कहा, तब तेजस्वी तो नाबालिग था, राबड़ी देवी तो पब्लिक सेवा में ही नहीं थी. टेंडर ओपन था, आईआरसीटीसी का गठन 1999 में हुआ, 2002 में ये फंक्शन में आया. 2003 में यात्री निवास होटलों को निजी ग्रुप को हैंडओवर कर दिया. 15 साल के लिए इन्हें लीज पर दिया. मैं मई 2004 को रेल मंत्री बना. मेरे रेल मंत्री बनने के पहले ही एनडीए सरकार टेंडर का फैसला ले चुकी थी. इसी फैसले के तहत 2006 में टेंडर दिया गया था. टेंडर ओपन बोली के आधार पर हुआ. जिसने ज्यादा बोली लगाई उसे ही टेंडर मिला.

लालू ने कहा, नरेंद्र मोदी-अमित शाह हमें नेस्तनाबूत करना चाहते हैं. ये महागठबंधन में लड़ाई कराना चाहते हैं, हम सब समझते हैं. 27 जुलाई को जो रैली होगी उसमें गांव गांव से लोग बुला रहे हैं. उसमें सारी चीजें सामने रखेंगे. हमारे बच्चे पर केस किया, राबड़ी देवी कर किया, बेवजह किया झूठ किया.

आरजेडी सुप्रीमो ने कहा कि ये सबके उपर हाथ लगा रहे हैं. हम चिल्लर लोगों को खटमल लोगों को, जो हमें काट रहे हैं, इन्हें जनता की दवाई देकर खत्म करेंगे. बीजेपी को उखाड़ फेकेंगे. गठबंधन को बर्बाद करने की कोशिश की जा रही है.