नई दिल्ली/पटना. ठेंठ गंवई अंदाज के कारण बिहार ही नहीं देश में अपनी छाप छोड़ने वाले बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव एक बार फिर चर्चा में हैं. राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष लालू प्रसाद के बड़े बेटे तेजप्रताप ने एक स्थानीय अदालत में अर्जी दाखिल कर अपनी पत्नी ऐश्वर्या राय से तलाक की गुहार लगाई है. 6 महीने में ही इस चर्चित शादी के टूटने की खबर पारिवारिक के साथ-साथ राजनीतिक भी है. इसके साथ ही बिहार के नए बनते सियासी समीकरण पर जो बात इस साल अप्रैल-मई में शुरू हुई थी, उस पर एक बार फिर से चर्चा होने लगी है. तेजप्रताप और ऐश्वर्या के बीच सबकुछ ठीक न होना, बिहार की राजनीति में उनके परिवार के लिए भी बुरी खबर हो सकती है. Also Read - रणबीर कपूर से शिल्पा शेट्टी तक, 2021 में सालों के बाद पर्दे पर वापसी करेंगे ये 9 बॉलीवुड सितारे

पहले बात करते हैं तेज प्रताप और ऐश्वर्या की शादी में सियासी समीकरण क्या हैं. ऐश्वर्य बिहार के सारण जिले की रहने वाली हैं. उनके दादा दारोगा राय राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके हैं. ऐश्वर्य के पिता चंद्रिका राय आरजेडी विधायक हैं और बिहार सरकार में मंत्री रह चुके हैं. 12 मई को ऐश्वर्या और तेजप्रताप की हुई इस शादी ने राजद के लिए एक भूमिहार वोट बैंक के समीकरण खोले थे. सभी जानते हैं कि लालू यादव का वोट बैंक क्या है. पिछले विधानसभा चुनाव में भी आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के एक बयान के बाद लालू ने पूरे चुनावी समीकरण को किस तरह बदला था, इससे भी सभी वाकिफ हैं. Also Read - क्या बिहार में नहीं रहेगी नीतीश कुमार की सरकार? RJD नेता तेजप्रताप ने कही बड़ी बात

लालू यादव का समीकरण
दरअसल, लालू यादव माय (मुस्लिम-यादव) वोटबैंक को लेकर एक आश्वस्त रहते हैं. उनकी राजनीति भी इसके इर्दगिर्द ही रही है. लेकिन, इस बीच लालू यादव के एक और नारे पर चर्चा होती रही है, ‘भूरा बाल साफ करो’ (भूमिहार, राजपूत, ब्राह्मण और लाला) के खिलाफ लालू की ये रणनीति उनके माय वोटबैंक को मजबूत करती रही है. लेकिन ऐश्वर और तेजप्रताप की शादी के बाद लालू परिवार और दारोगा राय के परिवार के बीच जो सियासी समीकरण बैठा है, उसने बिहार में एक नई तरह की राजनीतिक चर्चा शुरू की थी. Also Read - Tej Pratap Yadav New Look: पीली धोती में राधे-राधे...तेज प्रताप यादव का नया लुक Viral

पोस्टर में ऐश्वर्या
ऐश्वर्या चंद्रिका राय की सबसे बड़ी पुत्री हैं. उनकी स्कूली शिक्षा पटना में हुई है और उच्च शिक्षा दिल्ली में हुई है. तेज प्रताप की होने वाली दुल्हनिया को घर में लोग झिप्सी के नाम से पुकारते हैं. क्योंकि जिस दिन ऐश्वर्या पैदा हुई उस दिन बारिश हो रही थी. इस साल राजद के स्थापना दिवस पर छपे पोस्टरों ने बिहार की राजनीति को समझने वालों को हैरान कर दिया था. राजद की स्थापना दिवस को लेकर छपवाए गए पोस्टर में पहली बार ऐश्वर्या की तस्वीर लगाई गई थी. ऐसे में कयास लगने लगे हैं कि ऐश्वर्या जल्द ही राजनीति में हाथ आजमाएंगी.

ऐश्वर्या के चुनाव लड़ने पर शुरू हुई थी चर्चा
पिछले दिनों मीडिया गलियारों में इस बात की चर्चा थी कि ऐश्वर्या साल 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में उतर सकती हैं. बात यहां तक कि जा रही थी कि वह छपरा या सारण लोकसभा सीट से मैदान में उतरेंगी. सारण सीट से लालू यादव कई बार सांसद चुने जा चुके हैं. साल 2014 के चुनाव में इस सीट से राबड़ी देवी मैदान में उतरी थीं, लेकिन बीजेपी नेता राजीव प्रताप रुढ़ी ने उन्हें शिकस्त दे दी थी. सारण ऐश्वर्या का गृह जिला भी है और यहां उनके दादा-पिता का प्रभाव भी. ऐसे में लालू यादव के वोटबैंक और उनके परिवार के प्रभाव से यह सीट ऐश्वर्या के लिए मुफीद बताई जा रही थी. लेकिन, इस बीच ऐश्वर्या की उम्र 25 साल से कम होने पर इस मुद्दे पर चर्चा रुक गई.

शादी के बाद तेजप्रताप ने ‘कृष्णवतार’ का करवाया था मंचन
तेजप्रताप खुद को कृष्ण और शिव भक्त बताते रहते हैं. वह मथुरा और देवघर जाते रहते हैं. ऐसे में अपनी शादी के बाद तेजप्रताप ने अपनी वैवाहिक जीवन में सुख, शांति और समृद्धि के लिए ‘कृष्णवतार’ का तीन दिनों तक मंचन करवाया था. शादी के एक दिन बाद 13 मई को राबड़ी देवी के घर और 14-15 मई को बांके बिहारी शिव मंदिर में उन्होंने कृष्णलीला करवाया गया था.