लगातार एलओसी पर पाक की तरफ से किए जा रहे सीजफायर और आतंकियों की घुसपैठ को नाकाम करने अपनी जान गवांने वाले लांस नायक मोहन गोस्‍वामी आतंकियों से लड़ते हुए शुक्रवार को शहीद हो गए। उनका अंतिम संस्कार उनके पैतृक निवास लालकुआं (नैनीताल) पर हो गया। गोस्वामी ने 11 दिन के भीतर 10 आतंकियों को मार गिराया, बल्कि सज्जाद नाम के आतंकी को जिंदा पकड़ने में मदद की। रक्षा मंत्रालय की ओर से भी बयान जारी करके उनकी तारीफ की गई है। इसमें कहा गया, लांस नायक मोहन गोस्वामी ने जान देने से पहले 11 दिन में 10 आतंकियों का खात्मा करके इतिहास रच दिया। Also Read - कोरोना वायरस: संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सेना ने बढ़ाई सैनिकों की छुट्टियां

वही शहीद का शव गांव पहुंचते ही पूरा गांव उन्‍हें आखिरी सलामी देने के लिए उमड़ पड़ा। उनकी शवयात्रा के दौरान पाकिस्‍तान मुर्दाबाद के नारे लगाए गए। यह भी पढ़े-पकिस्तान ने फिर किया सीजफायर का उल्लंघन, जम्मू में एक जवान शहीद Also Read - ऑपरेशन नमस्ते: सेना प्रमुख ने जवानों से कोरोना वायरस के खिलाफ पूरी सावधानी बरतने को कहा

वैसे तो देश की सीमा पर हर सपूत की शहादत यादगार होती है लेकिन लांस नायक मोहन ने देश की रक्षा करते हुए शहीद होने से पहले एक बड़ा कारनामा कर दिखाया। Also Read - ईरान में फंसे 277 भारतीय लौटे स्वदेश, जोधपुर मिलिट्री स्टेशन के आइसोलेशन सेंटर में रखा गया 

गोस्वामी ने 2002 में सेना के पैराकमांडोज यूनिट में जाने की पहल की थी। कुछ ही दिनों में उन्होंने अपनी यूनिट के सबसे टफ कमांडो होने का रुतबा हासिल किया। गोस्वामी ने अपनी यूनिट की सभी ऑपरेशंस में शामिल होने में दिलचस्पी दिखाई। वह कई कामयाब एंटी टेररिस्ट ऑपरेशन का हिस्सा रहे।

उधमपुर में डिफेंस स्पोक्सपर्सन कर्नल एसडी गोस्वामी ने कहा, ”मोहन नाथ गोस्वामी कश्मीर घाटी में बीते 11 दिनों में हुए तीन आतंक विरोधी ऑपरेशंस में सक्रिय तौर पर शामिल थे। इसमें 10 आतंकियों को खत्म किया गया, जबकि एक को जिंदा पकड़ने में कामयाबी मिली।