67वें गणतंत्र दिवस के मौके पर मंगलवार को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने यहां राजपथ पर लांस नायक मोहन नाथ गोस्वामी को मरणोपरांत देश के सबसे बड़े वीरता सम्मान अशोक चक्र से सम्मानित किया। जम्मू एवं कश्मीर में आतंकवादियों का सामना करते समय सेना के विशिष्ट विशेष बलों ने बहुत बड़ा बलिदान दिया।यहाँ भी पढ़े:हाथ में ग्रेनेड लेकर दुश्मन के बंकर में घुस गया था ये जवान, उड़ाए थे 3 बंकर

राजपथ पर लांस नायक गोस्वामी की पत्नी भावना गोस्वामी अशोक चक्र लेने पहुंचीं।पिछले साल दो सितंबर को जम्मू एवं कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में आतंकवादियों के साथ लांस नायक गोस्वामी की एक मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ में लांस नायक गोस्वामी के दो साथी घायल हुए थे।

गोस्वामी घायल होने के बावजूद अपने साथियों को बचाने व आतंकवादियों को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए वहां पहुंचे। उन्होंने न केवल दो आतंकवादियों को मार गिराया बल्कि अपने साथियों की भी जान बचाई। वह मुठभेड़ में घायल हो गए थे और 11 दिन बाद वीर गति को प्राप्त हो गए।शहीद लांस नायक गोस्वामी उत्तराखंड के नैनीताल जिले की हल्द्वानी तहसील से ताल्लुक रखते थे। उनके परिवार में पत्नी और सात की एक बेटी है।