नई दिल्ली: दिल्ली में संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) सहित अन्य मुद्दों पर हो रहे विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर राष्ट्रीय राजधानी में कानून व्यवस्था की स्थिति को नाजुक बताते हुये दिल्ली पुलिस ने निर्वाचन आयोग से दिल्ली विधानसभा चुनाव शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिये केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल की 30 अतिरिक्त कंपनियां मांगी हैं. दिल्ली में विधानसभा चुनाव के लिये आगामी आठ फरवरी को मतदान और 11 फरवरी को मतगणना होगी. Also Read - Delhi Police के असिस्‍टेंट सब-इंस्‍पेक्‍टर ने PCR वाहन में खुद के सीने में गोली मारी, हुई मौत

दिल्ली पुलिस आयुक्त कार्यालय ने दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) को राष्ट्रीय राजधानी में कानून व्यवस्था की मौजूदा स्थिति से अवगत कराते हुये कहा है कि पिछले एक महीने से दिल्ली में जारी विरोध प्रदर्शनों में हिंसा की घटनाओं ने विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कानून व्यवस्था की स्थिति को नाजुक बना दिया है. पुलिस आयुक्त कार्यालय द्वारा सीईओ को यह भी बताया गया है कि संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शन, दिल्ली में विधानसभा चुनाव को देखते हुये लंबे समय तक चल सकते हैं. इस कारण विधानसभा चुनाव को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिये आयोग से केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की 30 अतिरिक्त कंपनियां मुहैया कराने की मांग की गयी है. Also Read - SSC Delhi Police CAPF SI, ASI Result 2020: SSC आज जारी कर सकता है Delhi Police SI, ASI  2020 का रिजल्ट, इस Direct Link से कर सकते हैं डाउनलोड 

दिल्ली में छह जनवरी से लागू है चुनाव आचार संहिता
उल्लेखनीय है कि दिल्ली में छह जनवरी को चुनाव आचार संहिता लागू होने से पहले दिल्ली पुलिस ने विधानसभा चुनाव के मद्देनजर केन्द्रीय सुरक्षा बलों की 179 कंपनियां तैनात करने की जरूरत से आयोग को अवगत कराया था. इसके आधार पर मुहैया करायी गयी 176 कंपनियां चुनाव के दौरान तैनात की गयी हैं. दिल्ली पुलिस ने सीईओ को लिखे एक पत्र में कहा कि छह जनवरी को विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया शुरु होने के समय दिल्ली में कानून व्यवस्था की जो स्थिति थी, उसकी तुलना में इस समय स्थिति काफी नाजुक है. इसके लिये दिल्ली में जारी विरोध प्रदर्शनों के हिंसक होने को जिम्मेदार ठहराते हुये इस बात की आशंका जतायी गयी है कि सीएए के खिलाफ पिछले एक महीने से जारी विरोध प्रदर्शन, विधानसभा चुनाव के मद्देनजर आगे लंबे समय तक चल सकते हैं. Also Read - कम की गई केजरीवाल की सुरक्षा, हटाए गए दिल्ली पुलिस के कमांडो? जानिए क्या बोला गृह मंत्रालय

केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की 30 अतिरिक्त कंपनियां तत्काल प्रभाव से मुहैया कराने की मांग
इसके मद्देनजर केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की 30 अतिरिक्त कंपनियां तत्काल प्रभाव से मुहैया कराने की मांग करते हुये कहा गया है कि अनिवार्य सेवाओं के लिये रिजर्व रखी गयी केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 25 और भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की पांच कंपनियों को चुनाव में तैनात करना संभव नहीं होगा. उल्लेखनीय है कि सीआरपीएफ और आईटीबीपी की 30 कंपनियों को अपरिहार्य स्थितियां उत्पन्न होने पर अनिवार्य सेवाओं के लिये और वीवीआईपी सुरक्षा के लिये रिजर्व रखा जाता है. दिल्ली पुलिस ने कहा कि सुरक्षा बलों की रिजर्व कंपनियों को हटाने से दिल्ली में कानून व्यवस्था की स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा.

दिल्ली विधानसभा चुनाव की तैयारियों का जायजा लेने को बैठक 31 जनवरी को
इस बीच चुनाव आयोग ने दिल्ली विधानसभा चुनाव की तैयारियों का जायजा लेने के लिये 31 जनवरी को सीईओ और पुलिस आयुक्त सहित अन्य संबद्ध पक्षकारों की बैठक बुलायी है. इसमें कानून व्यवस्था की नाजुक स्थिति को देखते हुये सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव संपन्न कराने पर भी विचार विमर्श किया जायेगा. आयोग ने दिल्ली में कानून व्यवस्था सहित चुनाव से जुड़ी अन्य तैयारियों की समीक्षा के लिये शाम चार बजे बैठक बुलाई है. इसमें दिल्ली के सीईओ, सभी जिलों के निर्वाचन अधिकारी और जिला पुलिस उपायुक्तों, नोडल अफसरों और स्थानीय निकायों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को बुलाया गया है. इसके बाद शाम साढ़े पांच बजे एक और महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक बुलाई गई है. इसमें दिल्ली के मुख्य सचिव, गृह सचिव, वित्त सचिव, पुलिस आयुक्त, दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त और दिल्ली के सीईओ शामिल होंगे.