नई दिल्ली: विधि आयोग के उच्च पदस्थ सूत्रों ने बुधवार को कहा कि लोकसभा और विधान सभाओं के चुनाव एक साथ कराने को लेकर आयोग इस महीने एक सख्त विधिक कार्यढांचे की सिफारिश करने जा रहा है. एक पदाधिकारी ने कहा, ”हमसे नहीं पूछा गया है कि हम इसका समर्थन करते हैं या नहीं. हमें आगे का रास्ता सुझाने के लिए कहा गया है. हम वो करेंगे” विधि आयोग एक साथ चुनाव कराने को सुनिश्चित करने के लिए संविधान और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम में संशोधन के लिए सुझाव देगा. उन्होंने कहा कि आयोग की अनुशंसाएं सरकार के लिए बाध्यकारी नहीं होंगी, लेकिन रिपोर्ट राजनीतिक दलों और हितधारकों के बीच अच्छी बहस का मौका देगी.

बता दें कि एक साथ चुनाव कराने की व्यवहारिकता पर विधि आयोग विचार कर रहा है और वह अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप देने से पहले राजनीतिक दलों के विचार जान रही है.

विधि आयोग के अध्ययन पत्र में अप्रैल में कहा गया था कि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के एक साथ चुनाव दो चरणों में कराए जा सकते हैं जिसकी शुरुआत 2019 में हो सकती है, बशर्ते संविधान के दो प्रावधान संशोधित किए जाएं और राज्यों द्वारा बहुमत से इनका अनुमोदन किया जाए. कार्यपत्र के मुताबिक एक साथ चुनाव का दूसरा चरण 2024 में हो सकता है.

आम सहमति से एक-साथ चुनाव कराने के पक्ष में बीजेपी
बता दें कि मंगलवार को बीजेपी ने कहा था कि पार्टी विभिन्न पक्षकारों में सहमति बनाकर और कानून के मुताबिक एक साथ चुनाव कराने के पक्ष में है लेकिन रिपोर्टों का खंडन करती है कि वह अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव के साथ ही कुछ विधानसभा के चुनाव भी कराने पर विचार कर रही है. बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने इन खबरों का खंडन किया कि पार्टी 11 राज्यों के विधानसभा चुनाव लोकसभा चुनाव के साथ कराने पर विचार कर रही है और इसे झूठ करार दिया. पात्रा ने कहा कि बीजेपी चाहती है कि विधानसभाओं और लोकसभा के एक साथ चुनाव कानून के मुताबिक और आम सहमति से होंं.

नीतीश ने कहा- अच्छा विचार लेकिन संभव नहीं
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को कहा था कि ‘एक देश एक चुनाव’ बेहतर विचार है, पर यह आगामी आम चुनाव में संभव नहीं है. बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के इस मुद्दे को लेकर विधि आयोग को लिखे गए पत्र के बारे में उन्होंने मीडियाकर्मियों के सवाल पर प्रतिक्रिया दी. नीतीश लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराए जाने की पूर्व में कई बार वकालत कर चुके हैं. सीएम नीतीश ने कहा कि यह बेहतर विचार है पर मौजूदा परिस्थिति में यह संभव नहीं है. इस समय लोकसभा और विधानसभा का चुनाव एक साथ नहीं कराया जा सकता है. इसके लिए अभी उचित समय नहीं आया है.
बीजेपी अध्यक्ष ने आयोग को भेजे पत्र में एक साथ चुनाव की वकालत की
देश में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एकसाथ कराने की पुरजोर वकालत करते हुए बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि इससे चुनाव पर बेतहाशा खर्च पर लगाम लगाने और देश के संघीय स्वरूप को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी. बीते 13 अगस्त को विधि आयोग को लिखे पत्र में शाह ने कहा कि एक साथ चुनाव कराना केवल परिकल्पना नहीं है, बल्कि एक सिद्धांत है जिसे लागू किया जा सकता है.

संघीय स्वरूप के खिलाफ बताना आधारहीन दलील 
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि यह आधारहीन दलील है कि एक साथ चुनाव देश के संघीय स्वरूप के खिलाफ है, उन्होंने कहा कि एक साथ चुनाव कराने से देश का संघीय स्वरूप मजबूत होगा. विधि आयोग को लिखे आठ पन्नों के पत्र में शाह ने कहा कि एक साथ चुनाव कराने का विरोध करना राजनीति से प्रेरित लगता है.