श्रीनगर: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को कहा कि बदकिस्मती से कुछ नेता सरकार का हिस्सा बनने के बाद लोगों की सेवा करना भूल जाते हैं और उन्हें लगता है कि वह राजनीति में बस ‘बिना काम के आराम करने के लिए’ हैं. जदयू नेता ने जम्मू शहर में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि राजनीति एवं सार्वजनिक जीवन में शामिल लोगों को ईमानदारी से काम करना चाहिए. Also Read - पीएम नरेंद्र मोदी देंगे बिहार को सौगात, 7 परियोजनाओं का आज करेंगे उद्घाटन

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उन्होंने कहा, ‘‘जनता ने हमें उनकी सेवा करने का मौका दिया है और हमें इसका इस्तेमाल उनकी बेहतरी के लिए करने की जरूरत है.’’ नीतीश ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश में ऐसा माहौल है जहां सरकार में शामिल होने के बाद कुछ लोग जनता की सेवा करना भूल जाते हैं और ‘‘सोचते हैं कि वह राजनीति में काम किए बिना बस आराम फरमाने आए हैं.’’ Also Read - पप्पू यादव ने कहा- पीएम मोदी का सहारा क्यों ले रहे हैं, विकास कराया है तो अकेले चुनाव मैदान में आएं

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66 वर्षीय नेता ने कहा, ‘‘सर्वांगीण विकास पर ध्यान देने के साथ ही हमें सामाजिक सुधारों के लिए काम करना होगा.’’ उन्होंने भाइचारे की भावना की जरूरत पर जोर देते हुए कहा, ‘‘हमारा मानना है कि जब समाज और देश में शांति होगी, वे आगे बढ़ेंगे.’’ जम्मू-कश्मीर के दौरे में बिहार के मुख्यमंत्री के साथ उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी भी आए थे.

नीतीश ने यहां जदयू की एक वेबसाइट शुरू की, कार्यकर्ताओं को मार्च-अप्रैल में होने वाले पार्टी के सम्मेलन में अपनी भागीदारी का और प्रदेश में पार्टी को मजबूत करने के लिए अपनी ओर से पूरे सहयोग का आश्वासन दिया.