बेंगलुरू| कन्नड़ विकास प्राधिकरण (केडीए) ने कर्नाटक में काम कर रहे सभी राष्ट्रीयकृत, अनुसूचित तथा ग्रामीण बैंकों से यह सुनिशिचत करने को कहा है कि सभी गैर-कन्नड़ भाषी छह महीने में भाषा सीखें. Also Read - कर्नाटक के शिवमोगा में ब्‍लास्‍ट से 8 लोगों की हुई मौत, बढ़ सकती है मृतकों की संख्‍या, PM Modi ने दुख जताया

प्राधिकरण ने उनसे राज्य में अपनी सभी शाखाओं में भाषा को लागू करने के लिये बनायी गयी हिंदी इकाई की तरह कन्नड़ इकाई स्थापित करने को कहा है. केडीए के अध्यक्ष एस जी सिद्धरमैया ने बैंकों को लिखे पत्र में कहा है कि उम्मीदवारों का चयन इंस्टीट्यूट आफ बैंकिंग पर्सनल सेलेक्शन (आईबीपीएस) द्वारा आयोजित परीक्षा के जरिये होता है. Also Read - सीएम उद्धव ठाकरे का बड़ा बयान, बोले- कर्नाटक से वापस लिए जाएंगे मराठी भाषा वाले इलाके

आईबीपीएस अपने आवेदनों में यह स्पष्ट रूप से लिखता है कि चयन में तरजीह उन उम्मीदवारों को दी जानी चाहिए जो स्थानीय भाषा जानते हैं. उन्होंने कहा, ‘इसको देखते हुए बैंकों में काम करने वाले अन्य भाषा जानने वाले कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से छह महीने के भीतर कन्नड़ भाषा सीखनी चाहिए.’ Also Read - अमित शाह ने इस राज्य के सीएम की तारीफ़ में कही ये बात, बोले- सत्ता में वापसी तय है

केडीए के चेयरमैन ने कहा कि वह बैंकों में जाएंगे और कन्नड़ भाषा को लागू किए जाने की समीक्षा करेंगे. उम्मीद करता हूं कि सभी बैंक तय सीमा के अंदर कन्नड़ भाषा को पूरी तरह से लागू कर देंगे.