नई दिल्ली: वामदलों ने महाराष्ट्र और हरियाणा में विधानसभा चुनाव के साथ विभिन्न राज्यों में हुए उपचुनाव परिणाम को भाजपा आरएसएस की गलत नीतियों को नकारने वाला जनादेश बताया है. माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा कि महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनाव परिणाम के साथ लगभग सभी उपचुनाव वाले अहम राज्यों के नतीजे भाजपा के लिए करारा झटका है. इस जनादेश में स्पष्ट संकेत है कि जनता ने देश की आर्थिक बदहाली का असर आम जनजीवन पर पड़ने की सच्चाई को स्वीकार कर केन्द्र और राज्यों में भाजपा की सरकारों की गलत नीतियों को नकार दिया है.

उन्होंने कहा, ‘केरल में उपचुनाव में माकपा को दो सीटें मिली हैं, जबकि पार्टी अपनी एक सीट हार गई है. हम हार के कारणों की समीक्षा करेंगे और भाजपा आरएसएस की सभी क्षेत्रों में गलत नीतियों के खिलाफ समूचे विपक्ष को एकजुट कर संसद से सड़क तक आंदोलन को तेज करेंगे.’

भाकपा के महासचिव डी राजा ने कहा कि इस चुनाव परिणाम के साथ ही भाजपा के सत्ता अवसान की शुरुआत हो गई है. जनता झूठे सपनों की सच्चाई को समझ गई है. इस जनादेश को भाजपा आरएसएस नजरंदाज नहीं कर सकते.

भाकपा माले के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने ट्वीट कर कहा, ‘इस चुनाव परिणाम से साबित होता है कि बेरोजगारी और कृषि संकट देश में मुख्य मुद्दे हैं. हरियाणा और महाराष्ट्र में किसकी सरकार बनेगी यह अभी अनिश्चित है, लेकिन जनादेश से इतना तो स्पष्ट है कि अनुच्छेद 370 और सावरकर जैसे मुद्दों की तुलना में बेरोजगारी और कृषि संकट देश में प्रभावी मुद्दे हैं.’

(इनपुट-भाषा)