नई दिल्ली. वामदलों ने यौन शोषण के आरोपों में घिरे विदेश राज्यमंत्री एम जे अकबर के मंत्रिपरिषद से इस्तीफे को महिलाओं के शोषण के खिलाफ सोशल मीडिया पर शुरु की गयी ‘मी टू’ मुहिम की कामयाबी बताया. Also Read - सोना मोहपात्रा की मोनोकनी वाली तस्वीरों पर लोगों ने कहा- भड़काऊ कपड़े पहनों और फिर #MeToo के लिए चिल्लाओ

भाकपा के महासचिव सुधाकर रेड्डी ने बुधवार को अकबर के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये कहा, मुझे लगता है कि जिस तरह से ‘मी टू’ मुहिम देश में जोर पकड़ रही है, उसे देख कर मोदी सरकार अकबर से इस्तीफा लेने पर मजबूर हुयी है. रेड्डी ने इसे मी टू मुहिम की कामयाबी बताते हुये कहा कि अकबर को उसी दिन त्यागपत्र दे देना चाहिये था जब उनकी पूर्व महिला सहयोगियों ने उनके खिलाफ यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाये थे. Also Read - #Metoo में फसें अनु मालिक की जगह अब ये सिंगर करेंगे इंडियन आइडल 11 को जज  

माकपा की महिला इकाई की महासचिव मरियम धावले ने कहा कि अकबर का इस्तीफा उन सभी महिला संगठनों की जीत है जिन्होंने महिला पत्रकारों द्वारा केन्द्रीय मंत्री के खिलाफ आरोप लगने के बाद उन्हें मंत्रिपरिषद से हटाने के लिये आंदोलन तेज किया था. उन्होंने कहा कि इस मामले में महिलाओं के आंदोलन की वजह से मोदी सरकार ने मजबूर होकर अकबर से इस्तीफा देने को कहा है. Also Read - #Metoo:सोना महापात्रा की स्मृति ईरानी से शिकायत के बाद, इंडियन आइडल से निकाले गए अनु मलिक!