नई दिल्लीः लोकसभा में नाथूराम गोडसे (Nathuram Godse) के बारे में द्रमुक सांसद ए राजा की टिप्पणी के बाद भाजपा सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर(Pragya Singh Thakur) की प्रतिक्रिया पर वामपंथी दलों ने उनकी तीखी आलोचना की है. वामपंथी दलों ने प्रज्ञा ठाकुर के बयान को लेकर भाजपा पर हमला करते हुए पूछा कि क्या उनके बयान का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(PM Narendra Modi) और गृहमंत्री अमित शाह(Amit Shah) समर्थन करते हैं.

लोकसभा में विपक्षी दलों द्वारा ठाकुर की टिप्पणी पर विरोध जताए जाने के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला(Om Birla) ने कहा कि एसपीजी (संशोधन) विधेयक पर चर्चा के दौरान सिर्फ द्रमुक नेता का बयान ही रिकॉर्ड में जाएगा. लोकसभा सचिवालय ने बाद में एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि ठाकुर की टिप्पणी ‘दर्ज नहीं की गई है.’

माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी(Sitaram Yechury) ने एक ट्वीट में पूछा कि इस बयान के बाद भी ठाकुर भाजपा सांसद बनी रह सकती हैं. उन्होंने एक अन्य ट्वीट मे कहा, ‘‘भारत में गोडसे का नाम और पूरी दुनिया में गांधी का नाम. आरएसएस/भाजपा की दोहरी जुबान और आतंक का सामान्यीकरण नहीं चल सकता है. गोडसे आतंकवादी था, जिसने गांधी की हत्या की थी.’’

सरकार ने महात्मा गांधी(Mahatma Gandhi) की 150 वीं जयंती मनाने के लिए एक राष्ट्रीय समिति गठित की है. भाकपा के महासचिव डी राजा ने कहा कि प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वह इस बयान का समर्थन करते हैं. लोकसभा चुनाव के दौरान भी ठाकुर ने गोडसे को देशभक्त बताया था जिस पर काफी विवाद हुआ था और बाद में ठाकुर ने इसके लिए माफी भी मांग ली थी.