नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत लाल बहादुर शास्त्री के प्रसिद्ध नारे ‘जय जवान जय किसान’ और पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत अटल बिहारी वाजपेयी के नारे ‘जय विज्ञान’ में गुरुवार को ‘जय अनुसंधान’ जोड़ दिया. वह जालंधर में आयोजित 106वीं भारतीय विज्ञान कांग्रेस में ‘भविष्य का भारत : विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी’ विषय पर बोल रहे थे. प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय वैज्ञानिकों का जीवन और कार्य प्रौद्योगिकी विकास और राष्ट्र निर्माण के साथ गहरी मौलिक अंतदृर्ष्टि के एकीकरण का शानदार उदाहरण है. Also Read - Covid-19 Vaccine: इस देश को 10 लाख कोरोना वैक्सीन देगा भारत, गुरुवार को पहुंचेगी वैक्सीन की पहली खेप

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पीएम ने कहा, आज का नया नारा है- जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान, जय अनुसंधान. मैं इसमें जय अनुसंधान जोड़ना चाहूंगा. मोदी ने कहा कि यह विज्ञान ही है जिसके माध्यम से भारत अपने वर्तमान को बदल रहा है और अपने भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए कार्य कर रहा है. प्रधानमंत्री ने कहा, ‘भारतीय विज्ञान के लिए 2018 एक अच्छा वर्ष रहा. इस साल हमारी उपलब्धियों में उड्डयन श्रेणी के जैव ईंधन का उत्पादन, दृष्टिबाधितों के पढ़ने में मदद करने वाली मशीन -दिव्य नयन, सर्वाइकल कैंसर, टी बी, डेंगू के निदान के लिए किफायती उपकरणों का निर्माण और भूस्खलन के संबंध में सही समय पर चेतावनी प्रणाली जैसी चीजें शामिल हैं.

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पीएम मोदी ने कहा कि खाने-पीने की चीजों से लेकर स्वास्थ्य सुविधाओं तक, लोन से लेकर आयकर तक, नए एयरपोर्ट, नेशनल हाईवेज से लेकर बड़े-बड़े शिक्षण संस्थानों तक सरकार ने हर प्रकार से मध्यम वर्ग के जीवन को सुगम और सरल बनाया है. उन्‍होंने कहा ‘हमने कृषि विज्ञान में काफी प्रगति की है, हमारे यहां पैदावार, गुणवत्ता बढ़ी है लेकिन न्यू इंडिया की जरूरतों को पूरा के लिए विस्तार की जरूरत है. बिग डाटा, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और ब्‍लॉकचेन से जुड़ी तमाम टेक्‍नोलॉजी का कम कीमत में कारगर इस्तेमाल खेती में कैसे हो, इस पर हमारा फोकस होना चाहिए.

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गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इंडियन साइंस कांग्रेस (आईएससी) के 106वें सत्र के उद्घाटन के लिए पहुंचने में कोहरे की वजह से एक घंटे से ज्यादा की देरी हो गई. इंडियन साइंस कांग्रेस का आयोजन पंजाब के फगवाड़ा के निकट लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में किया गया. घने कोहरे की वजह से उड़ान पहुंचने में देरी हुई. हालांकि, दोपहर बाद मौसम साफ हो गया और आदमपुर में उड़ान लैंड हुई. एलपीयू कैंपस में आयोजित हो रहे पांच दिवसीय इंडियन साइंस कांग्रेस में जाने माने वैज्ञानिक, तीन नोबेल पुरस्कार विजेता व विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं.