नई दिल्ली: दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने शुक्रवार को आदेश दिया कि घर पर पृथक-वास के तहत कोविड-19 के हरेक मरीजों के लिए पांच दिन संस्थागत पृथक-वास केंद्र में रहना जरूरी होगा. अपने आदेश में उपराज्यपाल ने कहा कि पांच दिन संस्थागत पृथक-वास में रहने के बाद कोविड-19 के बिना लक्षण वाले मरीजों को घर पर पृथक-वास के लिए भेज दिया जाएगा. Also Read - दिल्ली में कोरोना के 2,008 नए मामले सामने आए, कुल संक्रमित संख्या 1,02,831 हुई; 3,165 की मौत

बैजल ने अपने आदेश में कहा, ‘‘घर पर पृथक-वास के तहत प्रत्येक मामले में पांच दिन संस्थागत पृथक-वास में रहना अनिवार्य होगा. इसके बाद बिना लक्षण वाले मरीजों को घर पर पृथक-वास के लिए भेज दिया जाएगा. लक्षण वाले मरीजों को जरूरत पड़ने पर अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा.’’ Also Read - दिल्‍ली में कोरोना के मामले एक लाख के पार, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं: CM केजरीवाल

हालांकि, दिल्ली सरकार के एक अधिकारी ने कहा कि इस फैसले के कारण लोग आगे जांच कराने से कतराएंगे. सरकार के मुताबिक, दिल्ली में घर पर पृथक-वास में कोविड-19 के करीब 8,500 मरीज हैं. ये सभी ऐसे मरीज हैं जिनमें संक्रमण के किसी तरह के लक्षण नहीं मिले या मामूली लक्षण मिले. Also Read - दुनिया के सबसे बड़े कोविड अस्पताल की यह है खासियत, गलवान घाटी के शहीदों पर रखे गए वॉर्ड्स के नाम, जानें सबकुछ