तिरुवनंतपुरम: भयानक बाढ़ और भूस्खलन के बाद केरल में जिंदगी सामान्य पटरी पर वापस लौटने लगी है, लेकिन राज्य में अब भी राहत शिविरों में 10.40 लाख लोग रह रहे हैं. बाढ़ की वजह से बेघर हुए लोगों के पुनर्वास पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है. देश-विदेश से लोग राज्य की मदद करने के लिए सूबे को नकद राशि और जरूरी सामानो की मदद दे रहे हैं. इसके अलावा लोग सीधे मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष (सीएमडीआरएफ) में भी नकद राशि जमा कर रहे हैं. Also Read - मुंबई: मूसलाधार बारिश से थमी जिंदगी, कई इलाकों में बाढ़, सड़कों पर भरे पानी में डूबे वाहन

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि गुरुवार रात तक कुल 539 करोड़ की राशि जमा हो चुकी है. राहत शिविरों में रह रहे लोग अपने घरों में वापस लौटने लगे हैं लेकिन राज्य के 2,770 शिविरों में अब भी 10.40 लाख लोग रह रहे हैं. बाढ़ का पानी कम होने के बाद अब तक पिछले कुछ दिनों में करीब पांच लाख लोग अपने घर जा चुके हैं. Also Read - केरल, पश्चिम बंगाल से अरेस्‍ट अलकायदा आतंकियों का ये था प्‍लान, पाक हैंडलर से मिल रहे थे आदेश

मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने गुरुवार को राज्य के विभिन्न राहत शिविरों का दौरा किया और बताया कि राज्य सरकार अब प्रभावित लोगों के पुनर्वास और प्रदेश के दोबारा निर्माण पर ध्यान केंद्रित की हुई है. राज्य में सफाई प्रक्रिया के बारे में उन्होंने कहा कि सफाई अभियान पहले से ही शुरू हैं और अब तक 37,000 से ज्यादा कुएं और 60,000 से ज्यादा घर साफ किए जा चुके हैं. उन्होंने कहा, ‘ बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद करके हम ओनम त्योहार का उत्सव मनाएंगे.’ उन्होंने लोगों को मदद का आश्वासन देते हुए कहा कि ऐसी योजनाएं बनाई जा रही हैं कि लोगों को बाढ़ से क्षति पहुंचे घरों के पुनर्निर्माण के लिए ब्याज मुक्त ऋण दिया जाए. Also Read - दिल्ली को दहलाने की साजिश नाकाम, NIA ने पश्चिम बंगाल और केरल से अल-कायदा के 9 आतंकियों को किया गिरफ्तार