जम्मू। बीएसएफ ने आज कहा कि फसल कटाई का मौसम खत्म होने के शीघ्र बाद अप्रैल में जम्मू कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तान के साथ एक ‘सीमित संघर्ष’ की आशंका है. सीमा सुरक्षा बल( बीएसएफ) ने यह भी कहा कि हाल के समय में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तान की घुसपैठ की कई कोशिशें नाकाम की गई हैं. लोकसभा को हाल ही में जानकारी दी गई थी कि पाकिस्तान ने इस साल पहले दो महीनों में जम्मू कश्मीर में नियंत्रण रेखा और अंतराष्ट्रीय सीमा पर633 बार संघर्ष विराम का उल्लंघन किया है. इनमें 10 सुरक्षाकर्मी और12 नागरिक मारे गए. Also Read - Final US Presidential debate 2020 live: ट्रंप ने कहा- भारत का हवा बहुत गंदा तो बिडेन बोले- 1100 रुपये घंटा करेंगे न्यूनतम मजदूरी

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केंद्रीय गृह राज्य मंत्री हंसराज गंगाराम अहीर ने बताया था कि इस साल फरवरी तक नियंत्रण रेखा पर संघर्ष विराम उल्लंघन की432 घटनाएं और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर ऐसी201 घटनाएं हुईं. बीएसएफ महानिदेशक के के शर्मा ने कहा, जैसा कि मैंने कहा है, हमें लगता है कि फसल कटाई के शीघ्र बाद हमारी पाकिस्तान के साथ एक सीमित झड़प हो सकती है. उन्होंने कहा कि हर साल फसल कटाई के बाद अप्रैल में पाकिस्तान के साथ सीमित झड़प होती है. Also Read - Bigg Boss 14 : निशिकांत मल्कानी और कनिका मान​ का हॉट अवतार, गुस्ताख तस्वीरें दिल ले बैठी हैं

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उन्होंने कहा, हम कामना करते हैं ऐसा नहीं हो, लेकिन हमें तैयार रहना होगा. शर्मा ने कहा कि जम्मू फ्रंटियर और पश्चिमी कमान अच्छी तरह से तैयार है. फ्रंटियर बहुत अच्छा काम कर रहा. सीमा पार मौजूद आतंकी अड्डों के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में बीएसएफ डीजी ने कहा, हमें नियमित रूप से यह सूचना मिल रही है कि सीमा पार प्रशिक्षण शिविर और आतंकी अड्डे हैं. इसे ध्यान में रखते हुए बीएसएफ कदम उठा रहा है ताकि घुसपैठ की कोई भी कोशिश कामयाब ना हो.

उन्होंने कहा कि यह जगजाहिर है कि पाकिस्तान रेंजर्स और वहां की सेना उनकी मदद कर रही है. शर्मा ने कहा कि वे लोग( पाकिस्तान) अंतरराष्ट्रीय मंच पर इससे इनकार करते हैं. लेकिन ऐसी हरकत( घुसपैठ की) पाक रेंजर्स और पाक थल सेना की मदद के बिना नहीं हो सकती.