लखनऊ: उत्तर प्रदेश में लॉकडाउन (Lockdown) के दौरान शराब तस्करी भले ही बड़े पैमाने पर नहीं हो रही हो, लेकिन प्रदेश में शराब अभी भी महंगे दामों पर खरीदी जा रही है. देश में 22 मार्च को जनता कर्फ्यू के साथ लॉकडाउन शुरू हुआ, जिसके बाद से बहुत कम लोगों को शराब की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. वहीं, कई जगहों पर शराब बेहद महँगी बेची जा रही है. मांग और मजबूरी देखते हुए चोरी छिपे लोग 200 रुपए की बोतल 1500 से 2000 तक में खरीद रहे हैं. Also Read - योगी आदित्यनाथ बोले- अनलॉक 1.0 का मतलब आजादी नहीं है, सार्वजनिक स्थानों पर पांच से अधिक लोग एकत्र ना हों

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि सघन चेकिंग की वजह से लॉकडाउन के दौरान बड़े पैमाने पर शराब की तस्करी नहीं हो पा रही है. हालांकि शराब के नियमित उपभोक्ताओं का दावा है कि उनका पसंदीदा ब्रांड राज्य की राजधानी में आसानी से उपलब्ध है, मगर यह काफी महंगे दामों पर मिल रहा है. Also Read - उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के खिलाफ दर्ज मुकदमा वापस, जानिए क्या है मामला

आमतौर पर 600 रुपये में बिकने वाली रॉयल स्टैग की एक बोतल वर्तमान में 1,600 रुपये में उपलब्ध है, जबकि ब्लेंडर्स प्राइड जिसकी कीमत 800 रुपये है, उसे 2,200 रुपये में बेचा जा रहा है. या कही जगहों पर इससे ज्यादा महँगी है. इतनी महँगी होने के बाद भी लोग किसी भी कीमत पर शराब खरीदने को तैयार हैं. पीने वालों की लत का फायदा उठाया जा रहा है. और मनमाफिक दाम वसूले जा रहे हैं. सूत्रों का कहना है कि वैसे तो शराब की दुकानें बाहर से बंद हैं, मगर चुपके से जानकार ग्राहकों को शराब अभी भी उपलब्ध कराई जा रही है. Also Read - अनुष्‍का शर्मा की सनशाइन वाली पिक्‍चर पर फ्लैट हुए विराट कोहली, इंस्‍टाग्राम पर इस अंदाज में दिया जवाब

24 जनवरी जब से लॉकडाउन हुआ, उस दिन से शराब की दुकानें भी बंद हैं. सबसे ज्यादा उन लोगों की मुश्किल हुई जो शराब के लती हैं. शराब न मिलने की वजह से लोग बेहद परेशान हैं. और कसी तरह से जुगाड़ कर शराब पी रहे हैं और इसके एवज में कोई भी कीमत देने को तैयार हैं.

देश में कोरोना वायरस के चलते 14 अप्रैल तक लॉकडाउन है. 14 अप्रैल के बाद लॉकडाउन बढ़ाये जाने की पूरी संभावना है. देश में अब तक कोरोना के करीब 6 हज़ार मामले सामने आ चुके हैं, जबकि 150 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है.