भारत के सबसे बड़े रॉकेट जीएसएलवी-मार्क 3 को आज सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया गया. यह रॉकेट अपने साथ तीन टन वजनी संचार उपग्रह ले गया. अब तक भारत को 2,300 किलो से ज्यादा वजन वाले संचार उपग्रहों के प्रक्षेपण के लिए विदेशी प्रक्षेपकों पर निर्भर रहना पड़ता था.

आप इस ऐतिहासिक लॉन्च का सीधा प्रसारण यहां देख सकते हैं.

यह रॉकेट 640 टन वजनी और 43.43 मीटर लंबा है. इसे यहां से करीब 105 किलोमीटर दूर आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र में भारत के रॉकेट बंदरगाह के दूसरे लॉन्च पैड से छोड़ा जाएगा. यह 3,136 किलोग्राम वजनी जीसैट-19 संचार उपग्रह को अपने साथ लेकर जा रहा है, जो भारतीय रॉकेट से लॉन्च अब तक का सबसे भारी उपग्रह है.

इस रॉकेट की सबसे खास बात यह है कि इसेके मुख्य व सबसे बड़े क्रायोजेनिक इंजन को इसरो के वैज्ञानिकों ने देश में ही विकसित किया है. इसरो के अध्यक्ष ए एस किरण कुमार ने कहा था कि यह अभियान अहम है क्योंकि ‘‘देश से प्रक्षेपित किया जाने वाला यह अब तक का सबसे भारी रॉकेट और उपग्रह है.’’ इससे पहले इसरो ने 3,404 किलो के संचार उपग्रह जीसैट-18 को फ्रेंच गुयाना स्थित एरियाने से प्रक्षेपित किया था.