Loan Moratorium Latest News: कोरोना काल में लोन मोरेटोरियम (Loan Moratorium) के मामले में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में हलफनामा दाखिल किया है. केंद्र की तरफ से दाखिल हलफनामे में कहा गया है कि 2 करोड़ तक के ऋण के लिए चक्रवृद्धि ब्याज (ब्याज पर ब्याज) माफ करने के अलावा कोई और राहत देना राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था और बैंकिंग क्षेत्र के लिए हानिकारक हो सकता है. सरकार की तरफ से कोर्ट में दाखिल हलफनामे में कहा गया है कि ‘वित्तीय पैकेजों के माध्यम से पहले ही राहत की घोषणा की जा चुकी है, उस पैकेज में और ज्यादा छूट जोड़ना संभव नहीं है.’ Also Read - जीवन बीमा कराने जा रहे हैं तो सुप्रीम कोर्ट की ये चेतावनी ज़रूर जान लें, मुश्किल नहीं होगी

केंद्र सरकार की तरफ से कोर्ट को यह भी बताया गया कि 2 करोड़ तक के ऋण के लिए चक्रवृद्धि ब्याज माफ करने के तौर तरीकों को कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद जारी किया जाएगा. हलफनामे में कहा गया है कि बैंकों को अधिसूचना की तारीख से एक महीने के भीतर ही चक्रवृद्धि ब्याज माफी योजना को लागू करना होगा. हलफनामे में कोर्ट को बताया गया कि गंभीर आर्थिक और वित्तीय तनाव को ध्यान में रखते हुए सरकार और आरबीआई द्वारा निर्णय लिए गए हैं. Also Read - मोरेटोरियम पीरियड में 'ब्याज पर ब्याज' से छूट को जल्द मिलेगी कैबिनेट की मंजूरी, जानिए कैसे मिलेगा फायदा?

हाल ही में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में हलफनामा दाखिल कर कहा था कि कोरोना महामारी के दौरान शैक्षिक, आवास, उपभोक्ता, ऑटो, क्रेडिट कार्ड बकाया, पेशेवर और उपभोग ऋण पर लागू चक्रवृद्धि ब्याज को माफ किया जाएगा. सुप्रीम कोर्ट में दाखिल सरकारी हलफनामे के मुताबिक सरकार 6 महीने के लोन मोरेटोरियम समय में दो करोड़ रुपये तक के लोन के ब्याज पर ब्याज की छूट देगी. इसका मतलब बैंक लोन मोरे​टोरियम (Loan Moratorium Updates) पर लगने वाले चार्ज की वसूली नहीं करेंगे. Also Read - सात महीने बाद खुला भारत-नेपाल बॉर्डर, लेकिन पड़ोसी देश में नहीं कर पाएंगे एंट्री

दरअसल, कोरोना संकट की वजह से बहुत से लोग लोन की EMI चुकाने की स्थिति में नहीं थे. इसे देखते हुए RBI के आदेश पर बैंकों से EMI नहीं चुकाने के लिए पहले तीन महीने की मोहलत दी और बाद में इसे बढ़ाकर 6 महीने कर दिया. लेकिन सबसे बड़ी समस्या मोरेटोरियम के बदले लगने वाले अतिरिक्त चार्ज को लेकर थी. केंद्र की ओर से दी राहत का मतलब ये है कि लोन मोरेटोरियम का लाभ ले रहे लोगों को अब ब्याज पर अतिरिक्त​ पैसे नहीं देने होंगे.