चित्रकूट (यूपी): कोरोना वायरस (Corona Virus) के संक्रमण को रोकने के लिए किए गए लॉकडाउन से मुंबई में बेरोजगार हुए 18 मजदूर युवक साइकिल पर सवार होकर गुरुवार को चित्रकूट जिला लौट आए. यहां चिकित्सीय जांच के बाद उन्हें 14 दिन के लिए एकांतवास में रखा गया है और उनके सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं. बता दें कि मुंबई से चित्रकूट की दूरी करीब 1300 किलोमीटर है. मजदूरों को इतना सफ़र तय करने में 11 दिन लगे. Also Read - ब्रिटेन में पीएम के मुख्‍य सलाहकार ने किया था लॉकडाउन का उल्लंघन, उप मंत्री ने दिया इस्तीफा

कर्वी सदर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) अनिल कुमार सिंह ने शुक्रवार को बताया कि चित्रकूट जिले के गांवों के 18 मजदूर युवक मुंबई में मजदूरी कर रहे थे, जो लॉकडाउन होने पर बेरोजगार हो गए और वे सभी साइकिल की सवारी कर गुरुवार को जिले की सीमा पर दाखिल हुए. उन्हें चिकित्सीय परीक्षण के लिए जिला अस्पताल भेजा गया. Also Read - कोरोना मामले पर स्वास्थ्य मंत्रालय का बयान- प्रतिबंधों में ढील के कारण 5 राज्यों में बढ़ें संक्रमण के मामले

राजापुर क्षेत्र के ओरा गांव के मजदूर युवक राजू, धीरेंद्र, अमरदीप, छोटू व सुशील के हवाले से एसएचओ ने बताया कि सभी मजदूर 21 अप्रैल को साइकिल की सवारी कर मुंबई से रवाना हुए और मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल तक आए. यहां पुलिसकर्मियों ने उन्हें कटनी (मप्र) तक एक ट्रक में बैठा दिया, फिर कटनी से साइकिल द्वारा गुरुवार को चित्रकूट जिले की सीमा में दाखिल हुए. Also Read - बीते वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 1.2 प्रतिशत रहने का अनुमान: एसबीआई रिपोर्ट

चित्रकूट जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. विनोद कुमार ने बताया, “मुंबई से लौटे सभी 18 मजदूर युवकों की जिला अस्पताल में थर्मल स्क्रीनिंग की गई है और उनके सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं. फिलहाल उनकी रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है और सभी युवकों को एकांतवास में रखा गया है.”